फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेसहारा छोड़े गए शिशुओं की देखभाल करेगी जयराम सरकार

Fri, 02 Nov 2018 05:37 PM IST
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

बेसहारा छोड़े गए शिशुओं की जयराम सरकार देखभाल करेगी। विपरीत परिस्थितियों के चलते माता-पिता की ओर से असुरक्षित स्थानों पर बेसहारा छोड़े जाने वाले शिशुओं को चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा देने के लिए सरकार ने प्रदेश में 16 पालना शिशु केंद्र खोल दिए हैं।

विज्ञापन


सरकार ने ऐसे परिवारों और माता-पिता जो शिशु को अपनाना नहीं चाहते हैं तथा अपनी पहचान को सार्वजनिक नहीं करना चाहते, उनसे शिशु को असुरक्षित परिस्थितियों में छोड़ने की बजाय पालना शिशु केंद्रों में छोड़ने की अपील की है। सरकार ने ऐसे माता-पिता की निजता को सार्वजनिक नहीं करने का फैसला भी लिया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन स्थापित महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने किशोर न्याय अधिनियम (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) 2015 के तहत कुछ विशेष स्थानों पर पालना शिशु केंद्र खोले हैं।
विज्ञापन


महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पालना शिशु केंद्रों को स्थापित करने के मुख्य उद्देश्य समाज में ऐसे शिशुओं की उचित देखभाल व उन्हें समुचित चिकित्सीय सुविधा तथा सुरक्षा प्रदान करना है।

विज्ञापन

पालना शिशु केंद्रों का रखरखाव संबंधित विभाग के प्रभारी अधिकारी के पर्यवेक्षण के अधीन किया जाएगा। यदि परित्यक्त बच्च शिशु पालना केंद्र में पाया जाता है तो उसकी सूचना संबंधित बाल संरक्षण समिति के साथ साथ विशेष दत्तक ग्रहण परिषद को दी जाएगी।

यहां खोले गए हैं पालना शिशु केंद्र- सरकार ने कमला नेहरू अस्पताल शिमला, दीन दयाल उपाध्याय आंचलिक अस्पताल शिमला, महात्मा गांधी मेडिकल सर्विस कांपलेक्स खनेरी रामपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुमारवीं, आंचलिक अस्पताल बिलासपुर, जिला अस्पताल सोलन, जिला अस्पताल रिकांगपिओ, जिला अस्पताल मंडी, जिला अस्पताल धर्मशाला, जिला अस्पताल ऊना, आंचलिक अस्पताल हमीरपुर, आंचलिक अस्पताल कुल्लू, मेडिकल कॉलेज चंबा, सिविल अस्पताल डलहौजी, सिविल अस्पताल पांवटा तथा क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में पालना शिशु केंद्र खोले हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें