अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में गारबेज शुल्क और उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड न देने पर नगर निगम ने सैहब सोसायटी के 33 सुपरवाइजरों को शो कोज नोटिस जारी कर दिया है। इन्हें पांच दिन के भीतर जवाब देना होगा।
संतोषजनक जवाब न देने पर इनकी सेवाएं खत्म कर दी जाएंगी। निगम इससे पहले सात सुपरवाइजरों को नौकरी से बर्खास्त कर चुका है। शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना से जुड़े उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड देने के लिए सुपरवाइजरों को सोमवार को नगर निगम कार्यालय बुलाया गया था। यहां संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा और निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा के सामने इन्हें रिकॉर्ड पेश करना था। लेकिन 34 में से 33 सुपरवाइजर बैठक से गायब रहे। इनके बदले सैहब कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह बैठक में पहुंच गए। इन्होंने रिकॉर्ड देने के लिए सुपरवाइजरों को अतिरिक्त दिन देने का वक्त मांगा। इस पर प्रशासन ने इंकार कर दिया। कहा कि डेढ़ साल से सुपरवाइजर यही रिकॉर्ड तैयार नहीं कर पाए हैं कि उनके वार्ड में कितने उपभोक्ता हैं। इनमें से कितने घरेलू और कितने व्यावसायिक हैं। ऐसे कितने लोग हैं जो शुल्क नहीं दे रहे।
अब नहीं मिलेगी तनख्वाह, नौकरी भी जाएगी
निगम प्रशासन ने रिकॉर्ड देने के लिए सुपरवाइजरों को सोमवार तक का वक्त दिया था। अब रिकॉर्ड न देने पर इनकी तनख्वाह भी रोक दी गई है। इसके अलावा इनकी नौकरी भी जा सकती है। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने कहा कि 33 सुपरवाइजरों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। बैठक में सिर्फ मशोबरा इलाके के सुपरवाइजर ने हिस्सा लिया था। बाकी बैठक में नहीं पहुंचे।