बागवानों को उनकी फसल की पेमेंट न करने वाले 14 आढ़तियों पर एपीएमसी (कृषि उत्पाद विपणन समिति शिमला एवं किन्नौर) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस रद्द कर दिए। यह आढ़ती इस सीजन में अब सेब की खरीद फरोख्त का काम नहीं कर पाएंगे। बागवानों से सेब खरीदने के बाद उसका भुगतान न करना आढ़तियों को महंगा पड़ा है।
एपीएमसी ने पहली बार कड़ी कार्रवाई करते हुए ठियोग की पराला (सैंज) मंडी के 9 आढ़तियों, ढली मंडी के 4 आढ़तियों और रोहड़ू मंडी के एक आढ़ती का लाइसेंस रद्द किया है। इन आढ़तियों ने बागवानों से करोड़ों रुपये के सेब खरीदने के बाद बाहरी राज्यों के लदानियों (सेब कारोबारियों) को बेच दिए थे। बागवान बार-बार आढ़तियों के चक्कर लगाते रहे लेकिन फसल का भुगतान नहीं किया गया। परेशान होेकर बागवानों ने इन आढ़तियों की शिकायत कृषि उत्पाद विपणन समिति शिमला एवं किन्नौर को कर दी।
इसके बाद एपीएमसी ने संबंधित आढ़तियों को नोटिस जारी कर भुगतान न करने का कारण पूछा और तुरंत भुगतान न करने की सूरत में लाइसेंस रद्द करने का अल्टीमेटम दिया। तय समय पर बागवानों को भुगतान न करने के बाद एपीएमसी ने आढ़तियों के लाइसेंस रद कर दिए। एपीएमसी ने 15 आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की थी लेकिन नोटिस जारी होने के बाद एक आढ़ती ने पेमेंट कर दी थी जिसके बाद बाकी 14 के लाइसेंस रद कर दिए।
14 आढ़तियों के लाइसेंस कैंसल : कश्यप
कृषि उत्पाद विपणन समिति शिमला एवं किन्नौर के सचिव देवराज कश्यप ने बताया कि बागवानों को उनकी उपज की पेमेंट न करने वाले 14 आढ़तियों के लाइसेंस रद्द किए हैं। यह आढ़ती इस सेब सीजन में मंडियों में काम नहीं कर पाएंगे। बागवानों से ठगी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।