नगर निगम की मासिक बैठक के इस बार हंगामेदार रहने के आसार हैं। महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में शनिवार को होने वाली बैठक में जाखू रेन हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट पर सदन गरमा सकता है। हंगामे के बीच जनता से जुड़े प्रस्तावों पर क्या फैसला होता है, इस पर भी सबकी नजरें रहेंगी। सदन में शहर के नए पार्किंग प्लान, कर्मचारियों की तनख्वाह, नए निर्माण कार्य, पानी बिल, कूड़ा शुल्क वसूली, दुकानों को लीज पर देने आदि से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होनी है। इस बार वन विभाग के अफसरों को भी सदन में पहुंचने को कहा गया है। बीते सदन में अफसर न होने के कारण पार्षद भड़क गए थे। दर्जनों प्रस्ताव फॉरेस्ट क्लीयरेंस के चलते लटके पड़े हैं।
सदन में पार्षदों ने भी इस बार अपने वार्डों से जुड़े करीब एक दर्जन सवाल लगाए हैं। जाखू पार्षद अर्चना धवन ने जाखू प्रोजेक्ट को लेकर दो सवाल पूछे हैं जिस पर हंगामा हो सकता है। सदन से पहले ही सचिवालय तक इस मुद्दे की गूंज पहुंच चुकी है। इसके अलावा निगम अधिकारी से जुड़े मामले पर भी बहस होने के पूरे आसार हैं। देखना होगा कि इस बार अधिकारी सदन में आते हैं या नहीं। पार्षद आरती चौहान ने उनसे जुड़े सवाल पूछे हैं। सदन से पहले ही अधिकारी के जवाब को लेकर निगम में चर्चा गरमा गई है। अधिकारी ने जवाब दिया है कि वह सदन में आने को बाध्य नहीं है। पार्षद अब उनकी जबरन सेवानिवृत्ति की मांग करने जा रही हैं। सदन में निगम कमेटियों के गठन को लेकर भी चर्चा होनी है।