आईजीएमसी में बंदरों और कुत्तों के काटने पर लगने वाला एंटी रेबीज इंजेक्शन का स्टॉक खत्म हो गया है। दो दिन से अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन न होने से इमरजेंसी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि आवारा कुत्तों और बंदरों के काटने के बाद वैक्सीन लगाने आ रहे मरीज उपचार न मिलने पर अस्पताल कर्मियों से झगड़ रहे हैं।
शिमला शहर में हर रोज बंदरों और कुत्तों के हमले का लोग शिकार होेते रहते हैं। ऐसे में अस्पताल में स्टॉक का खत्म होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। अस्पतालों में यह इंजेक्शन मुफ्त में लगाया जाता है।
अस्पताल में मंगलवार को भी किसी मरीज को वैक्सीन नहीं लग पाई। देर शाम खत्म हुई वैक्सीन के बाद एआरवी लगाने आए मरीज मायूस होकर लौट आए। हाल ही में अचानक से एआरवी खत्म होने के बाद प्रबंधन ने आनन फानन में 50 से अधिक वैक्सीन की खरीददारी की थी लेकिन अब यह वैक्सीन भी खत्म हो गई है। शहर के जोनल अस्पताल में एक माह से अधिक समय से यह वैक्सीन नहीं लग पा रही है। हालांकि एआरवी रूम में आए मरीजों को इम्यूनोग्लोबिन टीके लगाए जा रहे हैं।