ढली थाना के तहत फर्जी पुलिस कर्मी बनकर लोगों से पैसे ऐंठने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें मामले में पीड़ितों के ही कुछ साथी संलिप्त पाए गए हैं। यह लोग ढली के एक गेस्ट हाउस में ताश खेल रहे थे। इसी दौरान फर्जी पुलिस बनकर कुछ लोगों ने रेड डाल दी थी और ताश खेल रहे लोगों से करीब दो लाख रुपये ऐंठ लिए थे। अब पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ताश खेलने वालों में कुछ लोग शातिरों से मिले हुए थे।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया था लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आते इससे पहले ही उन्होंने उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ली। शुक्रवार को न्यायालय में आरोपियों की जमानत पर सुनवाई होगी। ऐसे में यदि आरोपियों को कोर्ट से जमानत नहीं मिलती है तो पुलिस इनको गिरफ्तार करेगी। मामले की जांच कर रही पुलिस दावा कर रही है कि मामले को जल्द सुलझा दिया जाएगा।
पुलिस ने तफतीश के दौरान गेस्ट हॉउस से ंडंप डाटा लिया है। इसमें गेस्ट हॉउस के उस कमरे में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल नंबर की सीडीआर ली गई। सीडीआर का विश्लेषण करने पर पाया गया कि गेस्ट हाउस में मौजूद दो लोगों की फर्जी पुलिस बनकर आए शातिरों से बातचीत हुई है। जांच में पाया गया कि कुछ एक नंबरों की लोकेशन गेस्ट हाउस की पाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर ठाकुर ने बताया कि पांच आरोपियों ने उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ले रखी है। मामले में संलिप्त दो पुलिस वर्दी में शामिल आरोपियों की पहचान की जाएगी।
यह था मामला
शहर में 29 अप्रैल को पांच लोग एक निजी गेस्ट हाउस में ताश खेल रहे थे। इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने पांच बदमाशों ने रेड डाल दी और इन लोगों को धमकाया तथा उनकी पिटाई कर डाली। इसके बाद उनसे दो लाख रुपये एेंठकर निकल गए। पीड़ित यही समझते रहे कि यह पुलिस कर्मचारी हैं लेकिन कोई कार्रवाई न होने के बाद उनको शक हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गए हैं। अब खुलासा हुआ है कि ताश खेल रहे पांच लोगों में से दो फर्जी पुलिस बनकर आए शातिरों से मिले हुए थे।