अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के साथ लगते केल्टी इलाके में पेयजल संकट फिर गहरा गया है। इलाके के हजारों लोगों को हफ्ते बाद भी पानी की सप्लाई नहीं मिल रही। हालत यह है कि अब पीने लायक पानी भी नहीं मिल रहा।
लोग पीने के लिए साथ लगते नालों से पानी ढो रहे हैं। कई लोग टैंकर मंगवा रहे हैं। एक टैंकर के लिए दो हजार रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। नगर निगम ने केलस्टन स्थित पेयजल टैंक से इस इलाके के लिए पानी की सप्लाई शुरू की थी लेकिन आईपीएच विभाग इसका सही वितरण नहीं कर पा रहा। विभाग का कहना है कि निगम से महज 50 हजार लीटर पानी प्रतिदिन की सप्लाई मिल रही है जिसे लोगों में बांटा जा रहा है। उधर स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल लाइनें काफी छोटी हैं। सभी लोगों को इन लाइनों से पेयजल सप्लाई देना संभव नहीं। नियमित सप्लाई के लिए यहां नई मोटी लाइनें बिछाने की जरूरत है लेकिन आईपीएच विभाग यह लाइनें नहीं बिछा रहा। स्थानीय लोग पिछले हफ्ते आईपीएच के अधिशासी अभियंता से भी मिले। अभियंता खुद फील्ड में आए और लाइनें बिछाने का भरोसा दिया लेकिन अभी तक इसका काम शुरू नहीं हुआ है।
जल्द बिछाएंगे लाइनें : अभियंता
स्थानीय निवासी गंगाराम, सुनीता, मोहित और अंजना ने कहा कि घरों में हफ्ते बाद पानी आ रहा है। लोगों को टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। यह काफी महंगा पड़ रहा है। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य ने कहा कि नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग नियमित पेयजल देने के लिए पूरे प्रयास कर रहा है।