शिमला। समर फेस्टिवल के दौरान सरकारी विभागों की प्रदर्शनी लगाने के लिए दिए पद्मदेव परिसर में आजकल खाने पीने का सामान और कपड़े बेचे जा रहे हैं। नगर निगम से प्रदर्शनी लगवाने की बात कहकर जिला प्रशासन ने इस जगह पर स्टॉल और दुकानें खोलने की छूट दे दी। कारोबारियों के विरोध के बावजूद प्रशासन ने रिज मैदान स्थित इस परिसर को एक ठेकेदार को सौंप दिया जिसने यहां कई स्टॉल खोल दिए हैं।
जिला प्रशासन ने समर फेस्टिवल के दौरान इस परिसर में प्रदर्शनी लगाने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा था। निगम ने भी सरकारी कार्यक्रम करवाने के लिए अनुमति दे दी। लेकिन बाद में पता चला कि प्रशासन ने इसे एक ठेकेदार को सौंप दिया है जिससे करीब 14 लाख रुपये की कमाई हुई है। यह स्टॉल 15 दिन के लिए खोले हैं। कारोबारियों के विरोध के बाद शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन ने इस मामले की जानकारी ली। पता चला कि जिस काम के लिए यह जगह दी गई थी, उसके बिल्कुल उलट यहां काम हो रहा है। अब नगर निगम जिला प्रशासन को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा ने कहा कि कारोबारियों ने इसकी शिकायत दी है। निगम यहां निजी लोगों की व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दे सकता।
नियमों के खिलाफ हो रहा काम
नगर निगम सदन ने इस परिसर में निजी संस्थाओं या लोगों की ओर से स्टॉल लगाने या सामान बेचने पर रोक लगा रखी है। यहां सिर्फ सरकारी कार्यक्रमों को करवाने की ही छूट दी जाती है। नगर निगम को पहले प्रतिदिन इस परिसर से करीब 72 हजार की आय होती थी लेकिन कारोबारियों और पार्षदों के विरोध के बाद यहां व्यावसायिक गतिविधियां करवाने पर रोक लगा दी थी। इस बार समर फेस्टिवल के दौरान अचानक यहां खाने पीने के स्टॉल लग गए जिसका कारोबारी लगातार विरोध कर रहे हैं।