राजधानी शिमला में दशकों पुराना बना एक और रिहायशी मकान आग की भेंट चढ़ गया। लक्कड़ बाजार के रिवोली सड़क के पास रात करीब डेढ़ बजे अचानक चार मंजिला भवन आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही पल में लकड़ी से बना यह भवन जलकर राख हो गया। भवन से उठे धुएं से रिज मैदान और लक्कड़ बाजार के पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया।
अग्निशमन विभाग के मुताबिक दशकों पुराना भवन राजीव गोयल पुत्र जगत राम गोयल फिंगास निवासी का है। प्रशासन की ओर से भवन को पहले से ही असुरक्षित घोषित कर दिया था। इसके बाद से इस मकान में कोई नहीं रहता था। बताया जा रहा है कि पहले भी अग्निशमन विभाग दो बार इस मकान को आग से बचा चुका है।
लेकिन बीते रात भड़की आग में यह मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। हालांकि मकान के साथ लगते दो गोदामों में पड़ी करोड़ों रुपये की संपत्ति को बचा लिया गया। इसके अलावा चार मोटरसाइकिलों को भी आग की भेंट में चढ़ने से बचाया गया है।
अग्निशमन विभाग के मुताबिक मालरोड स्थित अग्निशमन केंद्र को 12:25 बजे आग लगने की सूचना मिली। मालरोड से जवानों का दल रेस्क्यू के लिए रवाना हुआ और करीब सात मिनट में मौके पर पहुंचा। आग पर नियंत्रण पाने में जुट गए। कुछ मिनट बाद छोटा शिमला और बालूगंज से भी दमकल दल मौके पर पहुंचे। से आग बुझाने का प्रयास किया गया।
लेकिन कुछ देर बाद भवन आग से पूरी तरह घिर गया और धड़ाम से गिर गया। इसी बीच चार मंजिला मकान का मलबा रिवोली सड़क समेत सर्कुलर रोड पर जा गिरा। इसके बाद जवानों ने सड़क से मलबे को हटाया और सड़क को गाड़ियों की आवाजाही के लिए खुलवाया। शुक्रवार शाम तक मलबे से धुआं उठता रहा।