शहर के मर्ज एरिया और साथ लगती पंचायतों में पानी के लिए मारामारी मच गई है। नगर निगम से रोजाना पानी मिलने के बावजूद केल्टी के हजारों लोगों को हफ्ते बाद पेयजल सप्लाई मिल रही है। समरहिल के साथ लगते सेरी, सांगटी, चैली, मल्याणा, शोघी और चैली इलाकों में भी लोग पेयजल संकट झेल रहे हैं। इन सभी इलाकों के लिए आईपीएच पानी की सप्लाई देता है। लेकिन गर्मियां बढ़ते ही आईपीएच की स्कीमें दम तोड़ने लगी हैं। कई इलाकों में हफ्ते बाद पानी दिया जा रहा है।
उधर नगर निगम के टुटू और मज्याठ इलाके में भी आईपीएच की पेयजल सप्लाई रोज नहीं मिल रही। इन वार्डों में आईपीएच चौथे और पांचवें दिन सप्लाई दे रहा है। वहीं लोगों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को यह मालूम ही नहीं कि पंचायतों में जलसंकट चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस बाबत शिकायत नहीं मिली है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि किस क्षेत्र में कितने पानी की सप्लाई दी जाती है इसकी रिपोर्ट लेना अधिकारियों की जवाबदेही नहीं तो किसकी है?
गरमी के मौसम में पानी की सप्लाई को लेकर सरकार के गंभीर होने के दावे अधिकारियों के इस तरह के बयानों से धराशायी होते नजर आ रहे हैं। शहर के कई वार्डों और साथ लगती पंचायतों में बढ़ती पेयजल समस्या पर अब कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर लिया है। पार्टी का कहना है कि यह सरकार और प्रशासन की नालायकी है जो लोगों को नियमित पेयजल मुहैया नहीं करवा पा रहे।
केल्टी के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
केल्टी के लोगों का कहना है कि नगर निगम से तो पानी की सप्लाई शुरू हो गई लेकिन आईपीएच इलाके में इसका वितरण नहीं कर पा रहा। बड़ी लाइन बिछनी थी लेकिन उसकी फाइल अफसरों के टेबल पर धूल फांक रही है। स्थानीय लोगों ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दे दी है। आईपीएच के अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य का कहना है कि उनके पास पेयजल संकट को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है।
जश्न में डूबी भाजपा को नहीं है जनता की चिंता
प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने कहा कि प्रदेश में जयराम सरकार डेढ़ साल से हनीमून में ही गई लगती है। लोस में जीत के जश्न में डूबी प्रदेश सरकार को लोगों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। कहा कि गर्मियों में पैदा हो रहे जलसंकट से पर्यटन उद्योग पर भी विपरीत असर पड़ने लगा है।
किमटा ने शहर में बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भी जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि यातायात सुचारु न होने से शिमला आने वाले सैलानी भी घंटों जाम में फंस रहे हैं। प्रशासन को गंभीरता से यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए प्रयास करने चाहिए।