शिमला। शहर से सटे मज्याठ वार्ड के हजारों लोगों ने अब सड़क सुविधा के लिए ट्रेन रोकने की चेतावनी दी है। रविवार को बुलाई आम सभा में लोगों ने इस बारे में प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। वार्ड पार्षद दिवाकर देव शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लोग सरकारी महकमों की अनदेखी पर खूब भड़के। कुछ लोगों ने पार्षद तक का घेराव कर दिया।
कहा कि गांवों में भी सड़कें पहुंच चुकी हैं, लेकिन राजधानी से सटे इस इलाके में आज तक सरकार सड़क नहीं बना पाई। इलाके में पांच हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। सड़क सुविधा न होने पर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उठाकर दूर सड़क पर पहुंचना पड़ता है। नगर निगम टैक्स तो वसूलता है, लेकिन सड़क नहीं बना पा रहा। बीते साल जब शहर में जलसंकट हुआ था तो निगम के पानी के टैंकर इस इलाके में पहुंच ही नहीं पाए। अग्निकांड या दूसरी आपदा होने पर दमकल की टीमें भी वार्ड में नहीं आ सकतीं। कुछ लोग सरकारी महकमों से इस कदर नाराज थे कि इन्होंने इसी हफ्ते से रेल ट्रैक बंद करने की चेतावनी दे डाली।
इसलिए नहीं बन पा रही सड़क
इस वार्ड में ज्यादातर जमीन लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और रेलवे की है। सड़क बनाने के लिए इन तीनों विभागों से मंजूरी चाहिए। लेकिन तीनों महकमे जनता को राहत देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। पार्षद दिवाकर शर्मा ने बताया कि सभी महकमों के अफसरों को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन आश्वासन ही मिल रहे हैं। पार्षद ने पिछले साल शिमला पहुंचे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी ज्ञापन सौंपा था। लेकिन सड़क का काम आजतक शुरू नहीं हो पाया।
अब आखिरी बार ज्ञापन, फिर आंदोलन
पार्षद ने कहा कि आमसभा में पहुंचे ढाई सौ से ज्यादा लोगों ने फैसला लिया है कि आखिरी बार सभी विभागों के अधिकारियों को इस बारे में ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद यदि सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता तो आंदोलन किया जाएगा। कहा कि हजारों लोग सड़क सुविधा न होने से परेशान हैं।