आगामी लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के गढ़ जिला शिमला को मजबूत बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके चलते पहले जुब्बल कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा को भाजपा का मुख्य सचेतक बनाया गया। अब जयराम सरकार ने प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश दत्त को हिमफैड का चेयरमैन बनाया और भाजपा उपाध्यक्ष रूपा शर्मा को सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष पद पर ताजपोशी की है। इस तरह से जिला शिमला को एक कैबिनेट मंत्री सहित भाजपा नेताओं को तीन पद देकर जिला शिमला में भाजपा के वोट बैंक को मजबूत बनाने का प्रयास किया है।
जयराम सरकार के इस कवायद से जिला शिमला में भाजपा कितनी मजबूत होती है और लोक सभा चुनाव में भाजपा का वोट बैंक कितना मजबूत हो पाता है, यह तो समय ही बता पाएगा। सवाल यह उठ रहा है कि क्या लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत इन पदों पर भाजपा नेताओं की ताजपोशी की गई है या फिर भाजपा के दूसरे गुट को खुश करने का प्रयास किया गया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से लंबे समय से जुड़े गणेश दत्त को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीब माना जाता रहा है। पूर्व धूमल सरकार के सत्ता पर रहते हुए गणेश दत्त को दो बार हिमुडा का उपाध्यक्ष पद पर तैनाती दी गई थी।
वह एक बार शिमला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके हैं और उनको हार का मुंह देखना पड़ा था। अब जयराम सरकार ने उन्हें हिमफैड का चेयरमैन बनाकर नई जिम्मेदारी दी है और धूमल गुट को खुश करने की कोशिश भी की है। वहीं रूपा शर्मा भी प्रेम कुमार धूमल के करीब बताई जा रही है। ऐसे में उन्हें जयराम सरकार ने सक्षण गुड़िया बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्ति किया है। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान गुड़िया कांड हुआ था, भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले इसे चुनावी मुद्दा बनाया था। सत्ता में आते ही जयराम सरकार ने हिमाचल में गुड़िया हेल्पलाइन शुरू कर दी। अब जिला शिमला में महिला वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए रूपा शर्मा को उपाध्यक्ष पद पर तैनाती दी है।