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टैक्स भरने के बावजूद सड़क नहीं, उठाकर लाने पड़ते हैं मरीज

Sun, 29 Jul 2018 07:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शहर का हिस्सा होने के बावजूद टूटीकंडी वार्ड के निचले इलाकों की हालत आज भी पिछड़े गांवों जैसी है। नगर निगम को टैक्स चुकाने के बावजूद इलाके के सैकड़ों लोग सड़क सुविधा से महरूम हैं। पांजड़ी इलाके में तो हालत ऐसी है कि यदि कोई बीमार पड़ जाए तो पीठ पर उठाकर उसे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। उधर, रिड़का गांव में सड़क तो बन चुकी है, लेकिन यहां के लिए न तो कोई बस चलती है और न ही टैक्सी।

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महिलाओं और बुजुर्गों को करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर आईएसबीटी पहुंचना पड़ता है। खड़ोग और पांजड़ी के दर्जनों घर सीवरेज लाइन से नहीं जुड़े हैं। वार्ड में हाइवे से सटे इलाके में तो लगभग सारी सुविधाएं निगम दे रहा है, लेकिन निचले इलाकों की कोई सुध नहीं लेता। शहर से लाकर बंदर यहां छोड़े जा रहे हैं। ज्यादातर नाले और रास्ते भी खस्ताहाल हैं। रविवार को अमर उजाला की टीम ने वार्ड का दौरा किया तो लोगों ने समस्याओं का अंबार लगा दिया।

दस साल से लटका है एंबुलेंस रोड का काम
लोअर पांजड़ी के लिए निगम ने करीब दस साल पहले 200 मीटर एंबुलेंस रोड तो बनाया है, लेकिन इसका काम अधर में लटक गया। फोरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने से रोड का काम ठप पड़ा है। बताया जा रहा है वन विभाग ने करीब आठ लाख रुपये का बिल निगम को भेजा है जिसे भरने के बाद ही रोड बनाने की मंजूरी मिलेगी। निगम दावा कर रहा है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा।
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लोगों से बातचीत
टैक्सी नहीं, रोज चढ़नी पड़ती हैं 216 सीढ़ियां
रिड़का गांव के लिए कोई टैक्सी और बस नहीं चलती। बुुजुर्गों, बच्चों को रोज 216 सीढ़ियां और एक किमी पैदल चल बस स्टैंड पहुंचना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र तक की सुविधा नहीं है। -फेराराम, रिड़का गांव

रास्ते खस्ताहाल, नालियां तक नहीं बनी
निचले इलाकों में रास्ते खस्ताहाल हैं। बरसात में पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। नालियां तक नहीं बनी हैं। बंदरों-कुत्तों का भी आतंक बढ़ गया है। घर के पास लगा बिजली पोल भी कच्चा है।-गीता राणा

कच्चे रास्तों पर स्ट्रीट लाइटें तक नहीं
पांजड़ी के लिए आधा रास्ता अभी भी कच्चा है। इसके अलावा यहां स्ट्रीट लाइटों की भी सही व्यवस्था नहीं है। जो लगी हैं, वे कई बार खराब रहती हैं। निगम पूरे रास्ते को पक्का करवाए। -यादवेंद्र जोशी

एंबुलेंस रोड न होने से परेशानी
लोअर पांजड़ी के लिए एंबुलेंस रोड नहीं है। नाले तक रोड बन भी गया था, लेकिन फिर काम रोक दिया गया। निचले इलाके में यदि कोई बीमार हो जाए तो उसे उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।-प्रेम कौशल

टैक्स के बदले सिर्फ कूड़ा उठा रहा एमसी
नगर निगम हमसे टैक्स तो लेता है, लेकिन उसके बदले सिर्फ घरों से कूड़ा उठाने की सुविधा दी है। निगम पक्के रास्ते, एंबुलेंस रोड, नालों का चैनलाइजेशन तक की सुविधा नहीं दे पा रहा है। -मनसाराम शांडिल

पांजड़ी को भी चलनी चाहिए टैक्सी
पांजड़ी के लिए सभी टैक्सी सेवा शुरू होनी चाहिए। जिन लोगों के पास गाड़ियां नहीं हैं, उन्हें पैदल ही टूटीकंडी जाना पड़ता है। बुजुर्गों, स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।-बीके चड्ढा

जंगल बन रहे नशेड़ियों के अड्डे, गश्त बढ़ाए पुलिस
टूटीकंडी से नीचे के जंगल में नशेड़ियों के अड्डे बन रहे हैं। पुलिस को इस इलाके में गश्त बढ़ानी चाहिए। सड़क किनारे अवैध पार्किंग से भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस पर भी चेक होना चाहिए।-रघुवीर ठाकुर

रास्तों पर रैलिंग नहीं, गिरने का खतरा
नगर निगम ने पैदल रास्तों के किनारे कई जगह अभी तक रैलिंग नहीं लगाई है। स्ट्रीट लाइटें न होने से गिरने का भी खतरा बना रहता है। नगर निगम नई लाइटें लगाएं और पक्की रैलिंग की व्यवस्था करें।-हिमांशु थपलियाल

सवाल: पांजड़ी में एंबुलेंस रोड नहीं, कई इलाके सीवरेज लाइन से भी नहीं जुड़े हैं। क्यों?
पार्षद आनंद कौशल बोले, पांजड़ी रोड के पैसे निगम अब जमा करवा रहा है। वन विभाग से मंजूरी मिलते ही महीने भर के भीतर काम शुरू करवा दिया जाएगा। सीवरेज लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन लोगों की आपत्ति के चलते काम शुरू नहीं हो पा रहा।

सवाल: रिड़का को टैक्सी नहीं चलती, रास्ते भी कच्चे हैं। आपने क्या काम किया?
हमने टैक्सी और बस चलाने की मांग कर रखी है। जल्द ही मंत्री से भी मिलेंगे। रास्तों के एस्टीमेट तैयार है। वार्ड में हाईमास्ट लाइट लग चुकी है। कई पार्किंग प्रोजेक्ट, ओवरहेड ब्रिज और कम्युनिटी सेंटर बन रहे हैं, इसके टेंडर भी जारी होने वाले हैं। पहले काम हो रहे थे, लेकिन भाजपा राज में विकास ठप हो गया है।

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