ट्रांसपोर्टरों की देशव्यापी हड़ताल के चलते शिमला की सब्जी और फल मंडियां बंद होने से पहले ही दिन करीब साढ़े सात करोड़ रुपये डूब गए। वीरवार को ढली सब्जी मंडी और भट्ठाकुफर फल मंडी में कारोबार पूरी तरह बंद रहा।
ढली सब्जी मंडी को करीब डेढ़ करोड़ और फल मंडी को छह करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण भवन निर्माण सामग्री और बाजारों में दुकानों के सामान की आमद भी प्रभावित हुई है।
शिमला की थोक मंडियां बंद होने की सूचना किसान बागवानों को न होने के कारण वीरवार को बहुत से सेब और सब्जी उत्पादक अपना माल लेकर मंडी पहुंच गए। यहां कारोबार बंद होने के कारण किसान बागवानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
ढली सब्जी मंडी से बुधवार तक रोजाना शिमला मिर्च, फ्रासबीन, बंदगोभी और फूलगोभी की 25 से 30 गाड़ियां देश की बड़ी मंडियों के लिए रवाना हो रही थीं लेकिन वीरवार को एक भी गाड़ी रवाना नहीं हुई।
भट्ठाकुफर फल मंडी से बुधवार को छोटे बड़े 45 ट्रक करीब 30 हजार पेटी सेब लेकर मुंबई, सूरत, बंगलूरू, हैदराबाद, अहमदाबाद, पटना, केरल और काठमांडू रवाना हुए थे लेकिन वीरवार को मंडी बंद होने के कारण एक भी ट्रक बाहर नहीं जा सका। फल मंडी को एक ही दिन में करीब छह करोड़ की चपत लग गई।
फेसबुक पर दी किसान बागवानों को जानकारी
ढली सब्जी और फल मंडी के आढ़तियों ने किसान बागवानों को फोन करके मंडी बंद होने की सूचना दी। कई आढ़तियों ने फेसबुक पर भी मंडी बंद होने और माल न लाने की सूचना किसान बागवानों से सांझा की।
हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री से की बात
ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के दौरान अनिवार्य सेवाओं को रोकने की सूचना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री से बात कर ली थी। मुख्यमंत्री ने डीजी हरियाणा से बात कर ट्रकों को सुरक्षा मुहैया करवाने का आग्रह किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी हड़ताल को लेकर बात की है। उम्मीद है एक दो दिन में हड़ताल खत्म हो जाएगी।
- नरेश शर्मा, चेयरमैन एपीएमसी, शिमला एवं किन्नौर