मंडी। जिले के बीस आदर्श स्कूलों का पैसा करीब दो माह से उपनिदेशक कार्यालय में फंसा हुआ है। इससे पैसे के लैप्स होने की संभावना बढ़ गई है। यह बजट विभाग को मार्च माह तक खर्च करना होगा। जबकि, अभी इसे स्कूलों को जारी नहीं किया गया है।
आचार संहिता से पहले ही विभाग को सरकार से यह बजट मिल चुका है। बावजूद इसके अभी तक यह राशि स्कूलों को जारी नहीं हुई। जिला मंडी में मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना के तहत 20 मॉडल स्कूल बनाए गए हैं। इन स्कूलों के लिए प्रति स्कूल करीब 21 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्यों के प्राक्कलन न मिलने का हवाला देकर विभाग ने बजट रोक रखा है। जबकि मॉडल स्कूलों के लिए स्वीकृत बजट में पहले ही तय किया गया है कि किस कार्य के लिए कितना बजट खर्च किया जाना है। ऐसे में विभाग द्वारा स्कूलों से एस्टीमेट मांगना स्कूल प्रमुखों के गले नहीं उतर रहा। स्कूलों को समय पर बजट न मिलने से तय समय पर बजट खर्च कर मुश्किल होता जा रहा है। कई जिलों में यह राशि स्कूलों को जारी हो चुकी है और स्कूलों में निर्माण कार्य भी शुरू कर दिए हैं। लेकिन मंडी में शिक्षा विभाग की लेटलतीफी से लाखों रुपये की राशि लैप्स हो सकती है।
जल्द बजट करेंगे जारी : विभाग
वहीं, उपनिदेशक उच्च शिक्षा मंडी अशोक शर्मा ने कहा कि स्कूलों से निर्माण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करके शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय भेजने को कहा है। अधिकतर स्कूलों से प्राक्कलन नहीं मिला है। दो-तीन दिन के भीतर स्कूलों को बजट जारी कर दिया जाएगा। इसके लिए स्कूल प्रमुखों के साथ बैठक की जाएगी।
इन कार्यों पर इतनी राशि होगी खर्च
इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनेंगे। इसके लिए करीब ढाई लाख रुपये का प्रावधान है। इसके साथ ही मॉडल कंप्यूटर लैब के लिए पांच लाख, पुस्तकालय के लिए तीन लाख 75 हजार रुपये तथा बैडमिंटन कोर्ट, जिम व अन्य खेलों के लिए इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए करीब 10 लाख 33 हजार रुपये प्रति स्कूल बजट का प्रावधान है। प्रति स्कूल को करीब 21 लाख रुपये मिलेंगे। इस राशि से इन स्कूलों को जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना है। वहीं शैक्षणिक वातावरण के लिए यह अन्य स्कूलों के लिए आदर्श बनेंगे। इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा।
ये बनाए हैं आदर्श विद्यालय
जिला मंडी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिवालसर, हटगढ़ स्कूल, कन्या विद्यालय सुंदरनगर, जंजहैली, करसोग, सरकाघाट, मंडप, द्रंग, कन्या विद्यालय जोगेंद्रनगर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटली, बाल विद्यालय भंगरोटू, गोहर स्कूल, डैहर, बालीचौकी, पांगणा, बल्द्वाड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संधोल, पनारसा व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौंतड़ा को मॉडल स्कूल बनाया गया है।