निजी शिक्षण नियामक आयोग के चेयरमैन मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अतुल कौशिक
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हिमाचल निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के पास दो माह में 150 से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। शिकायतों पर आयोग त्वरित कार्रवाई कर रहा है। नाहन में पत्रकारों से बातचीत में राज्य निजी शिक्षण नियामक आयोग के चेयरमैन मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अतुल कौशिक ने कहा कि आयोग का प्रयास है कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर ऊंचा और बेहतर हो। प्रदेश को हाई क्वालिटी एजूकेशन हब बनाने की कोशिशें जारी हैं।
कहा कि यूजीसी नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर आयोग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि प्रदेश में कहीं भी निजी शिक्षण संस्थानों में नियमों के विपरीत कार्य हो रहा है तो इसकी जानकारी आयोग को लिखित में दें। जानकारी देने वाले पहचान गोपनीय रखी जाएगी। बिना नाम की शिकायत पर कार्रवाई करना आयोग के लिए मुश्किल कार्य है।
कहा कि आयोग में उन्होंने 17 अगस्त से कार्य शुरू किया है। आयोग और निजी शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाने को आयोग ने ऑनलाइन मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया है। इसे सरकार ने स्वीकृत कर दिया है। ऑनलाइन मैनेजमेंट सिस्टम शुरू होने से निजी शैक्षणिक संस्थानों का वर्तमान का डाटा जो नियामक आयोग को चाहिए, वह तुरंत मिलेगा। फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। निजी शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन एजूकेशन को टीम गठित की गई है।
यह टीम विवि और कॉलेजों का दौरा कर इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी का इन्फ्रास्ट्रक्चर चैक करेगी। कहा कि निजी संस्थानों शिक्षा प्रणाली पारदर्शी और जवाबदेह हो, इसके लिए कुछ बदलाव किए हैं। इसके लिए एक हाईपावर कमेटी का गठन किया है। कमेटी के पास जितनी इंस्पेक्शन रिपोर्ट निजी विवि और कॉलेजों से आती है, उनका अध्ययन किया जाएगा। कहा कि बीते दिनों कुछ निजी विश्वविद्यालयों में फर्जीवाड़ा हुआ है, उसकी जांच जारी है।