महापौर कुसुम सदरेट की अगुवाई में होने जा रहे पार्षदों के कर्नाटक दौरे पर शुक्रवार को खूब ड्रामा हुआ। 10 जुलाई को प्रस्तावित इस दौरे को सुबह स्थगित कर दिया गया। लेकिन पार्षदों के दबाव के बाद शाम को फिर बन गया। अब यह दौरा 11 से 16 जुलाई के बीच होगा।
24 पार्षदों ने दौरे पर जाने को लेकर सहमति भी दे दी है। बाकी 10 इस दौरे पर नहीं जा रहे हैं। दौरे को लेकर सभी पार्षद अभी तैयारियां करने में ही लगे थे कि शुक्रवार सुबह मैसेज मिला कि अब यह दौरा किन्हीं कारणों से स्थगित कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार कुछेक पार्षद बच्चों की परीक्षाओं के चलते दौरे पर नहीं जा पा रहे थे। इसके अलावा कुछेक 10 जुलाई के दौरे के लिए उपलब्ध नहीं थे। इन्होंने मांग की थी कि दौरे को कुछ दिन के लिए टाल दिया जाए। इसी के चलते व्हाट्सऐप पर दौरे को स्थगित करने की सूचना दी गई।
स्थगित होने पर भड़के पार्षद, फिर बनवाया प्लान- दौरे के स्थगित होने की सूचना मिलते ही दोपहर बाद कई कांग्रेसी और भाजपा पार्षद अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल के पास पहुंचे। पूछा कि आखिर एक दो पार्षदों के कहने पर क्यों दौरा स्थगित किया जा रहा है।
कहा कि यदि दौरा करवाना है तो अभी करवाया जाए। इस पर पहले ही काफी ड्रामा हो चुका है। आखिरकार बाद में यह दौरा 11 जुलाई से करने पर सहमति बनी। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि दौरा स्थगित नहीं हुआ है बल्कि एक दिन के लिए टाला गया है।
कई पार्षदों ने दौरे से किया किनारा- पार्षद सिमी नंदा, शैली शर्मा के बाद अर्चना धवन ने भी दौरे से नाम वापस ले लिया है। कहा कि यह दौरा बरसात के बाद होना चाहिए था। इस समय जनता की शिकायतें सुनने के लिए शहर में रहना जरूरी है। उधर, पार्षद आनंद कौशल, बृज सूद के भी निजी कारणों के चलते दौरे से हटने की सूचना है।
मेयर के साथ मंत्री से मिलने नहीं गए पार्षद- शाम के समय शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए कई पार्षद महापौर के साथ नहीं गए। बताया जा रहा है कि महापौर ने सभी भाजपा पार्षदों को पार्क संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के लिए साथ चलने को कहा था।
लेकिन मेयर के करीबी पार्षदों को छोड़कर बाकी पार्षद इसमें शामिल नहीं हुए। मेयर के साथ डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, पार्षद सुनील धर, विवेक शर्मा, बिट्टू कुमार, विदुषी शर्मा ही साथ थे।