अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बसों में मनमाने किराये की वसूली अब बस ऑपरेटरों को महंगी पड़ेगी। परिवहन विभाग ने ओवर चार्जिंग करते हुए पकड़े जाने वाले बस ऑपरेटरों का परमिट कैंसल करने का फैसला लिया है। मंगलवार को परिवहन विभाग की टीमें फील्ड में उतरीं और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस ऑपरेटरों पर शिकंजा कसा।
आरटीओ शिमला प्रशांत देष्टा की अगुवाई में 103 टनल के पास और टालैंड में भी बसों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 38 बसों का चालान कर 15 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। चुनाव आचार संहिता का फायदा उठाने के लिए शहर के प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने गुपचुप न्यूनतम किराया 3 की जगह 5 रुपये वसूलना शुरू कर दिया था, जब शिकायत निदेशक परिवहन विभाग विवेक भाटिया तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत अधीनस्थ अधिकारियों को मामले की जांच कर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए।
उधर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रशांत देष्टा ने कहा कि बस ऑपरेटरों को मनमाना किराया न वसूलने को लेकर चेतावनी दी जा चुकी है। बावजूद इसके अगर कोई ऑपरेटर ओवर ार्जिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो आरटीए में उसका परमिट कैंसल कर दिया जाएगा।
परमिट कैंसल करने को आरटीए में जाएगा मामला
किराये के एवज में ओवरचार्जिंग करने को लेकर अगर एक ही बस ऑपरेटर की दो बार शिकायत मिलती है तो उसका परमिट कैंसल करने के लिए आरटीए (रोड ट्रांसपोर्ट अथारिटी) में मामला ले जाया जाएगा। आरटीए में स्थायी तौर पर बस का परमिट कैंसल करने की अनुशंसा की जाएगी।
पब्लिक बोली-मनमानी कर रहे प्राइवेट ऑपरेटर
राजधानी में प्राइवेट आपरेटर जमकर मनमानी कर रहे हैं। जिसका जो मन कर रहा है, किराया वसूला जा रहा है। परिवहन विभाग का बस आपरेटरों पर कोई नियंत्रण नहीं है।
- संजीव खजूरिया
शिकायत कैसे करें, फोन ही नहीं उठाते
मंगलवार को भी शहर में कई बसों में ओवर चार्जिंग की गई। शिकायत करने के लिए आरटीओ आफिस के नंबर पर फोन किया तो फोन उठाया ही नहीं गया। शिकायत करें भी तो कहां करें।
- सुरेश शर्मा
दुर्व्यवहार करते हैं ड्राइवर-कंडक्टर
प्राइवेट बसों के ड्राइवर-कंडक्टर सवारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। सवारियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। लोग परेशान हैं लेकिन प्रशासन कतई गंभीर नहीं है।
- बिंदू जोशी
मनमाना किराया तो छोड़ो, बकाया भी नहीं देते
शहर में मनमाना किराया तो प्राइवेट बसों में दो दिन से वसूला जा रहा है, पर कई कंडक्टर तो बकाया वापस देते ही नहीं। अगर बकाया मांगें तो दुर्व्यवहार करते हैं। इनका कुछ करना चाहिए।
- सुजाता शर्मा