अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
एजीएम न होने के बाद से हड़ताल पर गए सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को नगर निगम बड़ा झटका देने जा रहा है। हड़तालरत कर्मचारियों के वेतन में की गई बढ़ोतरी वापस लेने की तैयारी चल रही है। महापौर कुसुुम सदरेट ने साफ कर दिया है कि अब कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। नगर निगम की मासिक बैैठक में इन कर्मचारियों का वेतन सशर्त 10 फीसदी बढ़ाने को मंजूरी मिली थी। सदन में यह तय हुआ था कि यदि दस फीसदी सैलरी बढ़ाने के बावजूद ये कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो उनकी वेतन बढ़ोतरी वापस ली जाएगी। वहीं, सैहब कर्मचारी यूनियन दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी की बजाय न्यूनतम वेतन 7700 रुपये से बढ़ाकर सीधे साढ़े दस हजार रुपये करने की मांग पर अड़ी है। यूनियन ने साफ किया है कि एजीएम में यदि वेतन नहीं बढ़ता है तो वे हड़ताल करेंगे। एजीएम तो हुई नहीं और कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। ऐसे में निगम एक्शन में आ गया है। प्रशासन का कहना है कि सशर्त वेतन बढ़ोतरी वापस ली जा रही है। साथ ही यदि कर्मी काम पर नहीं लौटते हैं तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएंगे।
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फील्ड में उतरे आयुक्त, लोग बोले बार-बार हड़ताल मंजूर नहीं
शहर में सफाई व्यवस्था के हालात जानने के लिए निगम आयुक्त जीसी नेगी ने मंगलवार को कई वार्डों का दौरा किया। सफाई व्यवस्था ठप होने को लेकर लोगों ने उनसे शिकायत की। कुछ लोगों ने कहा कि वे सफाई कर्मचारियों की बार-बार होने वाली हड़ताल से परेशान हो गए हैं। कहा कि ऐसे कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का क्या फायदा जो जनता की नहीं सुनते। मनमर्जी से हड़ताल कर देते हैं। आयुक्त ने लोगों को कूड़ा अपने एरिया के गारबेज कलेक्शन सेंटर में डालने की अपील की। कहा कि कर्मचारियों को जनता के हित में हड़ताल खत्म करनी चाहिए। निगम जल्द एजीएम बुलाकर उनकी मांगाें पर चर्चा करेगा।
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बढ़ोतरी वापस ली जाएगी : कुसुम सदरेट
सभी पार्षदों की हामी के बाद निगम हाउस में सशर्त दस फीसदी सैलरी बढ़ाने का फैसला हुआ था। लेकिन सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं तो अब ये वेतन बढ़ोतरी वापस ली जाएगी।
-कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम