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जनता तो छोड़िए, सीएम तक के आदेश नहीं सुनता स्वास्थ्य विभाग

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। आम जनता की परेशानी तो छोड़िए, स्वास्थ्य महकमा तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तक के आदेश नहीं मानता। सीएम ने 24 घंटे के भीतर जुन्गा अस्पताल के खाली पद भरने के आदेश दिए थे। दो महीने बीत जाने के बाद भी पद नहीं भरे गए। अस्पताल अब भी एक ही डॉक्टर के सहारे चल रहा है। जनता परेशान है। उपचार के लिए शिमला का रुख करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने एक मई को जुन्गा दौरे के दौरान विभाग को 24 घंटे के भीतर जुन्गा अस्पताल के खाली पद भरने के आदेश दिए थे। सीएम ने कहा था कि डॉक्टरों की दूर दराज और ग्रामीण इलाकों में तैनाती को प्राथमिकता दी जाए। स्थानीय लोगों के अनुसार सीएम के निर्देशों के बाद दूसरे ही दिन एक डॉक्टर पहुंचा लेकिन एक दिन बाद ही वह डेपुटेशन पर चला गया। इसके बाद से अस्पताल में किसी नए डॉक्टर को तैनाती नहीं दी गई है। डॉक्टरों की कमी से जुन्गा, पैंदली, कोट, भड़ेच, चाखड़ा, शाठली, नगरी, अश्वनी खड्ड, डमेची, सुइंठा, भलावग गांव के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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चार में से तीन पद खाली, कोई कर्मचारी नहीं
अस्पताल में डॉक्टरों के कुल चार पद स्वीकृत हैं जिनमें से तीन खाली हैं। एक लेडी डॉक्टर के जिम्मे पूरी व्यवस्था है। पैरामेडिकल स्टाफ भी नहीं है। लोगों के अनुसार चपरासी से ही एक्सरे करवाए जाते हैं। लैब तक की सुविधा नहीं है।
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कई बार उठा चुके हैं मांग, नहीं सुनते अफसर
जिला परिषद सदस्य मदन मोहन का कहना है कि अस्पताल की हालत बेहद खराब है। यहां एक ही डॉक्टर है। कई बार सीएमओ और बीएमओ से बात कर स्टाफ तैनात करने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई नहीं सुनता। सीएम से मांग है कि जल्द कोई कार्रवाई करें।
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जल्द करेंगे तैनाती
सीएमओ का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही डॉ. रंजना राव ने कहा कि विभाग में अभी डॉक्टरों की कमी चल रही है। लेकिन जल्द ही नए डॉक्टर मिलने वाले हैं। जुन्गा अस्पताल में सबसे पहले पद भरना हमारी प्राथमिकता है। अस्पताल में जल्द सारे पद भरे जाएंगे।
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सड़कों की हालत भी खस्ता
जुन्गा और इसके साथ लगते इलाकों में सड़कों की हालत भी खस्ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले यहां पैचवर्क तो किया गया लेकिन सड़कों पर अभी भी गड्ढे पड़े हुए हैं। मैहली से अश्वनी खड्ड तक जगह-जगह सड़क टूटी है।
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