किन्नौर में कार्य कर रहे म्यांमार के 14 रोहिंग्या मुसलमानों को पुलिस ने पकड़ा है। टावर लाइन का कार्य करने वाले इन सभी मजदूरों को पुलिस ने जम्मू वापस भेज दिया है, जहां ये सभी शरणार्थी शिविर में रह रहे थे। वहीं, जिला पुलिस ने जिले की सभी परियोजनाओं के प्रबंधन वर्ग और ठेकेदारों से उनके पास काम करने वाले मजदूरों का पुलिस थाना और चौकियों में पंजीकरण करने के भी निर्देश जारी किए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक एसआर राणा ने बताया कि बीते दिनों किन्नौर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले में रोहिंग्या मुसलमान मजदूरों के रूप में काम कर रहे हैं। जिले की सभी परियोजनाओं से रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में जानकारी इकट्ठा की गई तो मालूम हुआ कि रिकांगपिओ से पूह तक चल रही टावर लाइन का काम जम्मू के ठेकेदार ने ले रखा है और यहां कुछ मुस्लिम कार्य कर रहे हैं।
एम/एस टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड की ओर से यह काम करवाया जा रहा है। जानकारी एकत्रित की तो पता चला कि प्रोजेक्ट में काम करने वाला एक ठेकेदार जम्मू का रहने वाला है। इसका नाम अजीद खान, पुत्र मुहम्मद कबीर, निवासी बनीहाल, थाना मंडी, जिला राजपुरी, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। इस ठेकेदार ने कुछ दिन पहले जम्मू से कुछ मजदूर टावर लाइन का काम करने के लिए अपने साथ लाए थे।
ठेकेदार अजीद खान से पता करने पर मालूम हुआ कि 14 रोहिंग्या शरणार्थियों को मजदूरी करने के लिए अक्पा लाया है, जो म्यांमार के रहने वाले हैं। ये सभी जम्मू-कश्मीर के कासंग नगर कॉलोनी शरणार्थी शिविर नरवाल पुलिस थाना, जिला जम्मू में रह रहे थे। ये सभी 27 सितंबर 2019 को अक्पा लाए गए थे। पुलिस ने ठेकेदार अजीद खान को निर्देश दिए कि वह इन मजदूरों को वापस जम्मू ले जाए।
इसके बाद ठेकेदार ने इन सभी 14 रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस जम्मू कश्मीर भेज दिया है। किन्नौर पुलिस अधीक्षक एसआर राणा ने जिले की परियोजनाओं के अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में कोई भी मजदूर कार्य करने आता है तो उनका पंजीकरण संबंधित थाना, चौकी में प्राथमिकता के आधार पर करवाएं।