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कोटशेरा कॉलेज में भिड़े छात्र गुट, दो के सिर फूटे

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। राजधानी के राजीव गांधी महाविद्यालय में पाक अधिकृत कश्मीर पर भारतीय वायु सेना की कार्रवाई के समर्थन में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हो गई। करीब सवा एक बजे हुई इस हिंसक झड़प में एबीवीपी के दो कार्यकर्ताओं के सिर पर चोटें आई हैं। कॉलेज कैंपस में हुए इस खूनी संघर्ष के बाद बालूगंज थाना से आई पुलिस ने दोनों घायल एबीवीपी कार्यकर्ताओं का मेडिकल करवाया और मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं एसएफआई ने चार कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आने की बात कही है।
एबीवीपी की ओर से पुलिस को दी शिकायत में एसएफआई के करीब आठ कार्यकर्ताओं के नाम दिए गए हैं। इन पर आरोप है कि परिसर में वायुसेना की पाक पर की जवाबी कार्रवाई के समर्थन में किए जा रहे प्रदर्शन और रैली के दौरान एसएफआई के करीब बीस कार्यकर्ताओं ने अचानक एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इसमें एबीवीपी कार्यकर्ता राहुल और जगपाल के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। इनको प्राथमिक उपचार और मेडिकल के लिए दोपहर बाद दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल लाया गया।
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एसएफआई कार्यकर्ताओं ने किया हमला : चौहान
एबीवीपी के जिला संयोजक विक्रांत चौहान ने कहा कि वायु सेना की पुलवामा हमले के जवाब में पाक अधिकृत कश्मीर पर की कार्रवाई को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ता रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान वामपंथी संगठन एसएफआई के गुंडा तत्वों ने अचानक तेजधार हथियार से हमला बोल दिया। इसमें दो कार्यकर्ताओं के सिर पर चोटें आई हैं। इनको उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। एबीवीपी ने थाना बालुगंज में एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दी है। इसमें हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कहा कि एसएफआई हमेशा इसी तरह से हिंसा की राजनीति कैंपस में करती आई है, इसी को आगे बढ़ाते हुए उन्हाेंने सेना की कार्रवाई के समर्थन में विजय रैली निकाल रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर अपने रक्तरंजित इतिहास को दोहराया है।

छात्रों की तरफ से नहीं आई शिकायत : सिंह
कॉलेज प्राचार्य इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कैंपस में दोपहर को छात्रों के बीच झगड़ा होने की सूचना मिली थी लेकिन किसी की ओर से अभी तक कॉलेज प्रशासन को कोई शिकायत नहीं मिली है। छात्र कौन थे, किसके बीच लड़ाई हुई है, इसकी पूरी जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कॉलेज खुल जाने और पहली हिंसा की घटना को देखते हुए गश्त बढ़ाए जाने का आग्रह किया है।
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हमले के लिए पूरी तरह एबीवीवी जिम्मेदार : एसएफआई
एसएफआई के शिमला शहरी सचिव अनिल ठाकुर ने कोटशेरा कॉलेज में छात्र गुटों के बीच हुई हिंसा के लिए एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप लगाया कि परिसर में एसएफआई के छात्र सदस्यता अभियान चला रहे थे तो एबीवीपी के कुछ गुंडा तत्व वहां डंडे और हथियार लेकर आए तथा एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया। इन करीब बीस युवाओं ने एसएफआई के इकाई सचिव दीपांशु, कमला, अजय नेगी, राहुल और रवि के साथ मारपीट की और उन्हें चोटें भी आई हैं। एसएफ आई कैंपस अध्यक्ष कपिल ने बताया कि एसएफ आई के छात्रों पर अचानक हमला किया गया। चार छात्रों को गहरी चोटें आई हैं। कहा कि नया सत्र शुरू हुए अभी चंद दिन हुए है, एबीवीपी परिसर में हिंसा का माहौल बना रही है। उन्होंने इस हिंसा की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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