अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। न्यायालय के आदेशों की शिमला के प्राइवेट स्कूलों में सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्कूल कैंपस में ही स्कूल बसों को ओवरलोड कर रूटों पर रवाना किया जा रहा है। बसों में ठूंस-ठूंस कर बच्चे चढ़ाए जा रहे हैं। एचआरटीसी की 34 सीटर मिडी बस में क्षमता से दोगुने करीब 60 बच्चों को जबरन बैठाया जा रहा है। शहर में स्कूल टैक्सियों में तो ओवर लोडिंग काफी हद तक नियंत्रित कर दी गई है लेकिन अब स्कूल बसों में ओवरलोडिंग की जा रही है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने मंगलवार को डीएवी न्यू शिमला में जा कर स्थिति का जायजा लिया। पेश है लाइव रिपोर्ट।
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‘उस्ताद जी आपकी गाड़ी पैक हो गई, चलिये आप निकलिये’
समय: सवा तीन बजे, स्थान : डीएवी न्यू शिमला स्कूल परिसर। एचआरटीसी की मिडी और छोटी करीब एक दर्जन बसें कतार में खड़ी हैं। ग्राउंड के एक सिरे पर बच्चों को लाइनों में खड़ा रखा गया है। अध्यापक बच्चों को लाइनों में बसों में चढ़ा रहे हैं। बसों पर रूट पोस्टर लगाए गए हैं। अध्यापक के सीटी बजाते ही बच्चे दौड़ कर बस में सवार हो रहे हैं। जो बच्चे कतार में आगे खड़े हैं उन्हें सीट नसीब हो गई है, पीछे खड़े बच्चों को खड़ा ही रहना पड़ रहा है। अपना बैग सीट पर बैठे बच्चों की गोद में थमा कर बच्चे सीटों का सहारा लेकर सफर के लिए तैयार हैं। स्कूल का अध्यापक बस ड्राइवर को इशारा करता है, ‘उस्ताद जी आपकी गाड़ी पैक हो गई, चलिये आप निकलिये’। एक एक कर कुछ इसी तरह ओवरलोड बसों को स्कूल के अध्यापक परिसर से विदा कर रहे हैं। ओवरलोड बसों में गिरते पड़ते बच्चे कैसे घरों तक पहुंचे होंगे इसका अंदाजा बस में भारी ओवरलोडिंग से लगाया जा सकता है।
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- प्रिंसिपल अनुराधा शर्मा से सीधे सवाल
सवाल - क्या आपको लगता है आपके लिए स्कूल बसों बढ़नी चाहिए?
जवाब - बिल्कुल नहीं, बच्चे कंफर्टेबल हैं, पिछली साल छह बसें चल रही थीं इस बार 17 चलाई जा रही हैं। अधिक बसें नहीं चाहिए।
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सवाल - बसों में ओवरलोडिंग क्यों हैं, बच्चों को ठूंस ठूंस कर क्यों भरा जा रहा है?
जवाब - ओवरलोडिंग बिल्कुल नहीं है, आसपास से आने वाले बच्चे जल्दबाजी करते हैं और पहले जा रही बस में चढ़ जाते हैं।
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सवाल - बच्चों को बसों में चढ़ाने के लिए क्या व्यवस्था है?
जवाब - बच्चों को बसों में चढ़ाने के लिए स्कूल के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। एक एक बच्चे को अध्यापक स्कूल बस में चढ़ाते हैं।
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सवाल - बच्चों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए स्कूल क्या प्रयास कर रहा है?
जवाब - आसपास से आने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को बच्चों को पैदल स्कूल आने जाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं : अमित
उपायुक्त शिमला अमित कश्यप का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बसाें में ओवरलोडिंग रोकने के लिए तुरंत संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएंगे।