फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में आचार संहिता के बीच लगा दिए डस्टबिन

विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। आचार संहिता के बीच ही शहर में कई जगहों पर चुपचाप तरीके से विधायक के नाम वाले डस्टबिन लगा दिए गए। खलीणी में सार्वजनिक स्थानों पर स्टैंड वाले ये डस्टबिन देख सवाल उठने शुरू ही हुए थे कि जिला निर्वाचन आयोग ने इन्हें तुरंत हटवा दिया। नगर निगम के क्षेत्र में आखिर यह डस्टबिन किसने लगवाए, इस सबसे निगम प्रशासन खुद को अनजान बता रहा है। बताया जा रहा है कि यह डस्टबिन केंद्र की योजना के तहत हर विधायक और सांसद को दिए जाने हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटें भी मिलनी हैं। करीब डेढ़ महीने पहले खलीणी में इस योजना का उद्घाटन हुआ था। निगम के साथ मिलकर शहर के हर वार्ड में 40 से 50 नए डस्टबिन लगाने की योजना तैयार की गई थी। लेकिन, उस समय यह डस्टबिन उपलब्ध नहीं हो पाए। अब अचानक तीन चार दिन पहले ही शहर में ये नए डस्टबिन पहुंचे। निगम को सूचित किए बिना ही इन्हें लगाने का काम खलीणी वार्ड से शुरू हुआ। सोमवार तक खलीणी बसस्टॉप समेत पांच जगहों पर स्टैंड वाले ये नए डस्टबिन लगा दिए गए।
विज्ञापन

सवाल उठे तो गायब हो गए डस्टबीन
इन पर स्थानीय विधायक का नाम भी लिखा था। ऐसे में सवाल उठने शुरू हो गए। सवाल उठे कि आचार संहिता के दौरान आखिर कैसे नए डस्टबिन लगाए जा रहे हैं? शिकायत जिला निर्वाचन आयोग तक पहुंची। रिटर्निंग ऑफिसर अजीत भारद्वाज ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरंत इन्हें हटवा दिया। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के दौरान नए कार्य नहीं किए जा सकते।
निगम ने कहा, हमें नहीं जानकारी
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त नीरज मोहन और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी हरिराम ठाकुर ने कहा कि शहर में नए डस्टबिन लगाने की उन्हें कोई सूचना नहीं है। न ही इसमें निगम के कर्मचारी काम कर रहे हैं। मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि नए डस्टबिन को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें