शिमला। प्रदेश और देश का कोई भी व्यक्ति राजधानी शिमला में अपने नाम का पौधा लगा सकता है। पौधे की देखभाल का पूरा जिम्मा वन विभाग का होगा। शहरी वन विभाग ने शहर को हरा-भरा रखने और बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को वनों की तरफ आकर्षित करने के लिए शहर के जाखू और फागली में स्मृति वन योजना शुरू की गई है।
इस अनूठी योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपने या अपने किसी करीबी के नाम का पौधा इस वन में लगा सकता है। पर्यावरण को स्वच्छ रखने और यादगार पर लगने वाले इस पौधे की कीमत 1500 रुपये होगी। वहीं अगर किसी कारण पौधा सूखता है या फिर किसी रोग से ग्रस्त होता है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी विभाग की होगी। पौधे के सूखने पर विभाग बिना किसी अतिरिक्त शुल्क लिए उसी जगह पर नया पौधा लगाकर देगा। पौधे पर बाकायदा व्यक्ति की नेम प्लेट लगेगी, जिसमें नाम के साथ पौधे के लगाने की तारीख भी होगी। पौधे को लगाने वाला व्यक्ति कभी भी इन स्मृति वन में आकर पौधे को देख सकता है। विभाग इस योजना में सिर्फ देवदार के पौधे लगाएगा। पौधा किसी तरह से रोगग्रस्त न हो, इसके लिए विभाग पौधों को 5 साल के लिए नर्सरी में रखेगा और पूरी जांच के बाद ही इन पौधों को स्मृति वन में रोपा जाएगा। विभाग इस पूरे स्मृति वन को बाड़ लगाएगा।
कोट्स
शहरी वन विभाग के डीएफओ इंदर कुमार ने बताया कि विभाग ने शहर के वनों में स्मृति वन योजना शुरू की है। पौधे की देखरेख महकमा करेगा।