अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रपति के दौरे के चलते प्रदेश सरकार शहर में दोहरा कानून लागू करने पर आमादा है। शिमला पुलिस ने आम लोगों की गाड़ियां शहर से बाहर खदेड़ दी हैं और सरकारी गाड़ियां शहर की सड़कों पर बेरोकटोक ‘नो पार्किंग जोन’ में खड़ी की जा रही हैं। शहर की सड़कों पर इन दिनों आम लोगों की गाड़ियों में ब्रेक लगते ही पुलिस कर्मियों की सीटियां दनदनाने लग जाती हैं, दो मिनट के लिए गाड़ी खड़ी कर अगर कोई यहां वहां चलाए जाए तो तुरंत चालान कर दिया जाता है। जबकि सरकारी गाड़ियां शान से शहर के ‘नो पार्किंग जोन’ में खड़ी की जा रही है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ ने शहर की सड़कों पर खड़ी सरकारी गाड़ियों का जायजा लिया।
निगम विहार में प्रदेश पुलिस मुख्यालय के बाहर सड़क किनारे ‘नो पार्किंग जोन’ में पुलिस अधिकारी की इनोवा सहित पुलिस मुख्यालय की आधा दर्जन गाड़ियां खड़ी थीं। छोटा शिमला में प्रदेश सचिवालय के बाहर ‘नो पार्किंग जोन’ में पुलिस की वैन खड़ी थी। सचिवालय के मुख्य गेट के पास ही काले रंग की अस्थायी नंबर वाली लग्जरी जीप ‘नो पार्किंग जोन’ के बोर्ड के नीचे खड़ी थी। सचिवालय के पास ही मजीठा हाउस जाने वाली सड़क के नजदीक येलो लाइन से बाहर मुख्य सड़क पर हिमाचल सरकार लिखी बलेरो खड़ी थी। सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास वन विभाग मुख्यालय के समीप ‘एचपी गवर्नमेंट’ लिखी सफेद रंग की कार खड़ी थी। सड़क के दूसरी ओर येलो लाइन में गाड़ी न लगा कर ड्राइवर ने नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर दी। हिमलैंड के पास ‘हिमाचल सरकार’ लिखी बुलैरो भी येलो लाइन के विपरीत मुख्य सड़क पर ही खड़ी थी। सर्कुलर रोड पर ही उद्योग भवन के नीचे बैम्लोई के पास एचपी गवर्नमेंट लिखी बुलेरो खड़ी थी। नो पार्किंग जोन में खड़ी इनमें से किसी एक भी गाड़ी का पुलिस ने चालान नहीं किया।