अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कड़ाके की ठंड के बीच शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। पाइप में पानी जमने से लोगों को पेयजल सप्लाई नहीं मिल पा रही। जाखू, लक्कड़ बाजार, कैथू, बैनमोर, संजौली और आईजीएमसी के कई इलाकों में तो दो दिन से पानी नहीं आ रहा।
लोगों का कहना है कि ठंड के चलते पानी की पाइपें जाम हो गई हैं। पेयजल सप्लाई सुबह के समय दी जा रही है जिससे ज्यादातर घरों में पानी पहुंच ही नहीं रहा। मजबूरन सार्वजनिक नल और हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है। लोगों ने निगम से शाम के समय पानी देने की मांग की है। पेयजल कंपनी ने कहा कि दोपहर बाद पानी की सप्लाई दी जा रही है। लेकिन लोगों की निजी पाइपें इतनी जाम है कि इसमें पानी नहीं जा रहा। ब्लोलैंप के जरिये निगम कर्मचारी सप्लाई बहाल करने का दावा कर रहे हैं। वीरवार को सभी परियोजनाओं से शहर के लिए करीब 47 एमएलडी पानी की सप्लाई मिली है। ताजा बर्फबारी के बाद शहर के कई रास्तों पर चलना भी खतरनाक हो गया है। रास्तों पर पानी जमने से फिसलन बढ़ गई है। निगम ने ज्यादातर रास्तों से बर्फ तो हटाई है लेकिन रात के समय बर्फ का पिघला पानी रास्तों और सड़कों पर जम रहा है। मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। लोग 1916 हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत कर सकते हैं।
लोगों को बताया, कैसे आएगा कम बिल
शिमला। पेयजल कंपनी की ओर से वीरवार को बचत भवन में एक कार्यशाला करवाई गई। इसमें उपायुक्त कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को पानी के बिलों को लेकर जानकारी दी गई। कंपनी के कंज्यूमर रिलेशनशिप एक्सपर्ट दीप पाठक ने बताया कि नए मीटर लगने के बाद अब लोगों को मीटर रीडिंग पर बिल दिए जा रहे हैं। कहा कि जो लोग 20 हजार लीटर तक पानी इस्तेमाल करेंगे उन्हें 14.50 किलोलीटर की दर से बिल देना होगा। लेकिन यदि इससे ज्यादा मात्रा में पानी इस्तेमाल किया तो बिल की दर बढ़ जाएगी। ऐसे में जो लोग एक मीटर पर कई किराएदार रख रहे हैं, वे कंपनी से नए कनेक्शन ले सकते हैं। बिल में गड़बड़ी की शिकायत कंपनी कार्यालय में करवाएं। मीटर खराब या चोरी होने की सूचना कंपनी को दें। इस मौके पर एसडीएम शहरी नीरज चांदला भी मौजूद रहीं।