राजधानी की सड़कों के किनारे खड़े रहने वाले वाहन अब नजर नहीं आएंगे। इनको उठाने का बंदोबस्त पुलिस महकमे ने कर लिया है। शिमला पुलिस ने सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े किए जा रहे इन वाहनों को हटाने के लिए दो नई क्रेनें खरीदी हैं। इन क्रेनों को शहर के सर्कुलर रोड सहित अन्य संपर्क मार्गों से वाहनों को उठाने में इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्रेनें वाहनों को उठाकर यार्ड तक ले जाएंगी। वाहन को यार्ड तक ले जाने का खर्चा बतौर टोइंग चार्ज वाहन मालिक से ही वसूला जाएगा यह न्यूनतम 2000 रुपये रहेगा। अधिकतर शुल्क दूरी पर निर्धारित होगा। पुलिस महकमे की इस कवायद से शहर के लोगों को बेतरतीब खड़े वाहनों से लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
क्रेन की मदद से वाहन को उठाने से पहले वाहन मालिक से संपर्क किया जाएगा। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि कार के शीशे पर मालिक का मोबाइल नंबर अंकित हो। यदि वाहन मालिक तुरंत आ कर गाड़ी हटा लेता है तो टोइंग चार्ज नहीं वसूले जाएंगे।
हालांकि वाहन मालिक को ट्रैफिक में व्यवधान डालने पर चालान की राशि का भुगतान अवश्य करना होगा। शहर में सुबह और शाम के वक्त अक्सर जाम लगने से लोग परेशान रहते हैं। सड़कों के किनारे बेतरतीब ढंग से वाहनों के खड़े रहने से लगने वाले जाम में फंसने से हर रोज लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। सुबह के वक्त जो सफर पंद्रह मिनट में तय हो सकता उसके लिए आधे से पौने घंटे तक का वक्त लग जाता है।
यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में मिलेगी मदद
पुलिस अधीक्षक ओमापति जमवाल ने बताया कि यातायात में व्यवधान पैदा करने वाली गाड़ियों को सड़कों से हटाने के लिए दो क्रेनें लगाई गई हैं।