फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

न्यू शिमला में गंदे पानी की सप्लाई, तीन टैंकों के सैंपल फेल

Sat, 16 Mar 2019 11:49 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के न्यू शिमला क्षेत्र के हजारों लोगों को गंदे पानी की सप्लाई से हड़कंप मचा हुआ है। इस इलाके के तीन बड़े स्टोरेज टैंकों से लिए पानी के सैंपल फेल हुए हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि मेन लाइन से तीनों टैंकों में गंदा पानी सप्लाई होने से सैंपल फेल हुए हैं। आईजीएमसी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार सेक्टर तीन के ओल्ड टैंक और सेक्टर वन के टैंकों से लिए पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं।

विज्ञापन


इसके अलावा सेक्टर चार स्थित टैंक से लिए सैंपल भी सही नहीं आए हैं। पेयजल कंपनी ने 11 और 12 मार्च को इनके सैंपल भरे थे। 14 मार्च को इसकी रिपोर्ट आई जिसमें सैंपल फेल होने का खुलासा हुआ। बरसात के बाद एक ही इलाके के तीन बड़े पेयजल टैंकों के सैंपल फेल होने का यह पहला मामला है। कुछ दिन से शहर में पानी के सैंपल ठीक आने लगे थे। लेकिन अचानक शहर के वीआईपी एरिया में गंदे पानी की सप्लाई ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कंपनी का कहना है कि सैंपल फेल होने के बाद तीनों टैंकों के दोबारा सैंपल भरे जा रहे हैं।

इलाके में पहले भी फैल चुका है पीलिया
शहर के इस इलाके में पहले भी पीलिया फैल चुका है। सर्दियों के मौसम में पीलिया फैलने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इस बारे में पेयजल कंपनी कई बार एडवायजरी भी जारी कर चुकी है जिसमें पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है। कंपनी का दावा है कि क्लोरीनेशन बढ़ाकर सप्लाई दी जा रही है। लेकिन शहर में कई लाइनों में अभी भी लीकेज की समस्या है। इससे पानी में सीवरेज मिलने का खतरा रहता है। कनलोग में भी पेयजल लाइनों में सीवरेज मिलने का मामला सामने आ चुका है।
विज्ञापन


दोबारा ले रहे हैं सैपल
शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के एजीएम विजय गुप्ता ने कहा कि जिन टैंकों के सैंपल ठीक नहीं आए हैं, उनके दोबारा सैंपल लिए जा रहे हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अच्छी तरह से क्लोरीनेशन करने के बाद ही पानी दिया जा रहा है।

बिना ट्रीट किए छोड़ा जा रहा है अश्वनी खड्ड में सीवरेज
शहर से निकलने वाला 25 से 30 एमएलडी सीवेज रोजाना बिना ट्रीट किए छोड़ा जा रहा है। इससे निचले इलाकों के पेयजल स्रोत दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में अभी महज 12 से 14 एमएलडी सीवेज ही रोज ट्रीट हो पा रहा है।

कंपनी ने इन प्लांटों को अपग्रेड करने के लिए योजनाएं तो बनाई हैं लेकिन लागू न होने से ज्यादातर सीवेज बिना ट्रीट किए ही शहर से छोड़ा जा रहा है। इसके पेयजल में मिलने और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले अश्वनी खड्ड में भी बिना ट्रीट किए पानी छोड़े जाने से शिमला में पीलिया फैला था। इसमें 20 से अधिक लोगों की मौतें हो गईं थीं।

कंपनी का कहना है कि शहर में सभी इलाके सीवरेज लाइन से न जुड़ पाने और हर घर का किचन वेस्ट सीवरेज लाइन में न जाने से ऐसा हो रहा है। कंपनी एमडी धर्मेंद्र गिल ने कहा कि कंपनी अब नालों में बहने वाला गंदा पानी प्लांट तक लिफ्ट करने की योजना बना रही है ताकि इसे ट्रीट किया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें