जिला प्रशासन के सहयोग से एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने रिकार्ड समय के भीतर मैहली-मल्याणा के बीच शकराला के पास बंद पड़े नेशनल हाइवे पांच को वन-वे बहाल कर दिया है। सड़क बहाल होने में तीन से चार दिन और लगने की संभावनाएं जताई जा रही थीं लेकिन हाईटेक मशीनरी की मदद से एनएचएआई ने शनिवार को दोपहर बाद तीन बजे सड़क वन-वे बहाल कर दी।
15 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे मैहली और मल्याणा के बीच शकराला के पास गनूटी में पूरा पहाड़ दरक कर सड़क पर आने से नेशनल हाइवे बंद हो गया था। इसे चार दिन के भीतर ही बहाल कर दिया गया है। भूस्खलन की सूचना मिलते ही उपायुक्त शिमला अमित कश्यप प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे और एनएचएआई ने राहत कार्य शुरू किया। उपायुक्त शिमला की अगुवाई में एडीएम और एसडीएम शिमला ने मौके का निरीक्षण किया। तहसीलदार शिमला एचएल घेजटा को स्थायी तौर पर घटना स्थल पर तैनात किया था। घेजटा की मौजूदगी में ही सड़क बहाली का काम चलाया गया। शुक्रवार को तो देर रात 11 बजे तक सड़क बहाली का काम चलता रहा।
वन-वे बहाल कर दिया है नेशनल हाइवे : डीसी
मल्याणा और मैहली के बीच शकराला में नेशनल हाइवे को वन वे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। रविवार को सड़क पर दोनों ओर से ट्रैफिक बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। कोटखाई जुब्बल सड़क पर पट्टीढांक और निहारी में भी सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। शनिवार को मौका का निरीक्षण भी किया गया है।
- अमित कश्यप उपायुक्त, शिमला
बड़ी चुनौती थी सड़क बहाली
नेशनल हाइवे को यातायात के लिए बहाल करना एनएचएआई के लिए चुनौतीपूर्ण काम था। सड़क के ऊपर हिमुडा कालौनी और नीचे गनूटी गांव के चलते बेहद सूझबूझ के साथ सड़क बहाली का काम किया गया। नेशनल हाइवे आथारिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसएम स्वामी की अगुवाई में बेहद सावधानी से सड़क बहाली का काम पूरा किया गया।
खतरा बरकरार, रिटेनिंग वॉल टूटी, सड़क उखड़ी
शकराला के पास सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी है लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है। सड़क किनारे रिटेनिंग वॉल पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क भी उखड़ चुकी है। करीब 5 मीटर सड़क पर टारिंग गायब है। बारिश होने पर सड़क बंद करनी पड़ सकती है, हालांकि एनएचएआई ने बारिश के पानी के लिए ड्रेन तैयार की है ताकि पानी पहाड़ी की ओर पानी का रिसाव न हो। साथ ही पानी की निकासी के लिए कलवर्ट तक ड्रेन बनाई गई है।