पानी के लिए मचे हाहाकार के बीच शहर में टैंकरों की लूट शुरू हो गई है। वार्डों में भेजे जा रहे कई टैंकर रास्ते में ही खाली हो रहे हैं। पीने लायक पानी के लिए लोग रोककर पानी भर रहे हैं।
हालत यह है कि टैंकरों के साथ अब पुलिस भेजनी पड़ रही है। वहीं, पार्षदों को खुद मालरोड आकर टैंकर ले जाने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वीआईपी एरिया में तो टैंकर भेजे जा रहे हैं, लेकिन जनता को पीने लायक पानी नहीं दिया जा रहा। ऐसे में मजबूरन टैंकर रोककर पानी भरना पड़ रहा है। कसुम्पटी भेजा गया टैंकर विकासनगर में ही खाली हो गया। बालूगंज और चक्कर भेजे गए कई टैंकर वार्डों में पहुंचे ही नहीं। मजबूरन पार्षद शैली शर्मा, किरण बावा को मालरोड आकर खुद टैंकर में सवार होना पड़ा।
अनाडेल भेज दिया नाभा जाने वाला टैंकर
सोमवार रात रेलवे कॉलोनी जाने वाला टैंकर कैथू और अनाडेल भेज दिया गया। नाभा पार्षद सिमी नंदा ने आरोप लगाया कि खुद के पैसे देकर उन्होंने टैंकर मंगवाया था। लेकिन डिप्टी मेयर ने इसे कैथू और अनाडेल भेज दिया। उधर, डिप्टी मेयर ने साफ किया कि इन दो इलाकों में टैंकर नहीं गया था। इसीलिए टैंकर भेजा। कहा कि रात 11 बजे नाभा को भी टैंकर भेज दिया गया था।
19.19 एमएलडी पानी मिला
मंगलवार को सभी परियोजनाओं से 19.19 एमएलडी पानी की सप्लाई मिली है। आईपीएच कसुम्पटी मंडल के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि किसानों से बात कर पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। अधिशासी अभियंता राजेश कश्यप का कहना है कि पंपिंग बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
फोन न उठाने पर जेई को नोटिस
कंगनाधार के नोडल अफसर को लोगों के फोन न उठाने पर नगर निगम आयुक्त ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। दो दिन के भीतर इसका जवाब देना होगा।
तीन-चार दिन में पटरी पर लौटेगी व्यवस्था
शहर में पेयजल व्यवस्था जल्द ही पटरी पर लौट जाएगी। सरकार का दावा है कि तीनों जोनों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पानी की सप्लाई देने का प्रयास जारी है। शुरुआत में जनता को अभी थोड़ी दिक्कत होगी लेकिन तीन से चार दिन बाद व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट जाएगी।