आईआईएचएस कोर्स को अलग फैकल्टी की अधिसूचना जारी
अब स्टेट्यूट का हिस्सा बनेगी नई बनी फैकल्टी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान (आईआईएचएस) में पढ़ाए जा रहे चार कोर्स को एक अलग विभाग और अलग फैकल्टी बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। राजभवन में अलग फैकल्टी बनाने और इसे स्टेट्यूट का हिस्सा बनाने को बीते रोज मिली मंजूरी के बाद कुलसचिव ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। फैकल्टी ऑफ एडीएसएस एनवायरनमेंट, डेवलपमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी स्टडीज के तहत अलग विभाग और इंटरडिस्पिलेनरी कोर्स चलेंगे, जिसमें तीन स्कू लों में अलग-अलग कोर्स चलाए जाऐंगे। इन स्कूलों में स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट स्टडीज, स्कूल ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज और स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट चलेंगे। अधिसूचना में साफ किया गया है कि विवि कार्यकारी परिषद से 14 अगस्त 2015 को मंजूरी मिलने के बाद राज्यपाल और विवि के कुलाधिपति से मिली मंजूरी के बाद अलग फैकल्टी बनाने की अधिसूचना जारी कर दी गई। विवि के कुलसचिव प्रो. एसएस नारटा ने बताया कि करीब डेढ़ साल से आईआईएचएस में चल रहे विभिन्न कोर्स के छात्र अलग विभाग और फैकल्टी बनाकर उसी के तहत कोर्स पढ़ाए जाने और डिग्री दिए जाने की मांग कर रहे थे। अब फैकल्टी को विवि स्टेट्यूट का हिस्सा बना दिया जाएगा।
राज्यपाल और विवि प्रशासन का जताया आभार
अलग विभाग और फैकल्टी बनाए जाने के लिए संघर्षरत डिपार्टमेंट ऑफ इंटर डिस्पिलेनरी स्टडीज (डीआईएस) के अध्यक्ष पंकज वर्मा और सचिव अपर्णा मंढोत्रा ने फैकल्टी की अधिसूचना जारी किए जाने पर राज्यपाल और विवि प्रशासन का आभार जताया है। उन्होंने इसे छात्र समुदाय की जीत करार दिया। पंकज ने कहा कि अगस्त 2017 में डीआईएस छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले आईआईएचएस में चल रहे सभी चारों कोर्स के छात्र-छात्राओं ने करीब एक माह तक भूख हड़ताल की थी, जिसे छात्रों ने राज्यपाल के हस्तक्षेप और उनसे मिले आश्वासन के बाद समाप्त किया था। छात्र नेताओं ने इस फैकल्टी के तहत पढ़ाए जा रहे सभी कोर्स की एमफिल और पीएचडी की सीटें विज्ञापित किए जाने की मांग की है।