अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर हो रहे कथित फर्जीवाड़े को लेकर प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। अब टेस्ट ड्राइव के दौरान ही मौके पर एसडीएम ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की अनुमति देंगे। कार्यालय में कोई भी ड्राइविंग लाइसेंस के फॉर्म पर एसडीएम हस्ताक्षर नहीं करेंगे। ऐसे में अब उन्हीं के लाइसेंस बनेंगे जो तय तिथि पर टेस्ट देने के लिए मौके पर मौैजूद रहेंगे। प्रशासन ने सीधे एसडीएम कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस फार्म पर हस्ताक्षर करवाने के लिए आ रहे लोगों को साफ मना कर दिया है।
प्रशासन का मानना है कि वह कैसे मान लें कि जो आवेदक आ रहा है, उसे गाड़ी चलानी आती भी है या नहीं। अगर बिना टेस्ट ड्राइव के लाइसेंस जारी कर देते हैं और वह व्यक्ति गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त कर देता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? अप्रशिक्षित हाथों में ड्राइविंग लाइसेंस न जाए, इसलिए यह फैसला लेना पड़ा है। शिमला ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में इसे सख्ती से लागू कर दिया है।
ड्राइविंग टेस्ट के लिए एक महीने में दो बार तिथि तय की जाती है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदक टेस्ट ड्र्राइव देते हैं। मौके पर संबंधित इलाके का एसडीएम और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर टेस्ट लेते हैं। सबसे पहले शिमला ग्रामीण एसडीएम कार्यालय के आवेदकों का समय सुबह 10 से 12 बजे तक रहता है। इस दौरान जो टेस्ट में पास हो जाते हैं उनके फार्म पर मौके पर ही एसडीएम और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर हस्ताक्षर कर देते हैं और बाकायदा उनकी एंट्री रजिस्टर पर की जाती है उसके बाद आखिर आवेदक के नाम के नीचे दोनों अधिकारियों को काउंटर साइन होते हैं। ताकि कोई उसके बाद किसी आवेदक का नाम बिना टेस्ट के रजिस्टर पर न चढ़ा पाए, लेकिन तब भी कुछ लोग जुगाड़ करके बिना ड्राइविंग टेस्ट के ही फार्म पर काउंटर साइन करवाने की कोशिश करते हैं और कह देते हैं कि उन्होंने ड्राइविंग टेस्ट दिया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा इस तरह की कार्यप्रणाली पर रोक लगा दी गई है।
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तय तिथि को होंगे हस्ताक्षर : एसडीएम
एसडीएम (ग्रामीण) अनिल शर्मा का कहना है कि तय तिथि पर ही ड्राइविंग लाइसेंस फार्म पर हस्ताक्षर होंगे। कार्यालय में कोई हस्ताक्षर नहीं किए जाऐंगे आवेदक आए हो ड्राइविंग टेस्ट दें। गलती से कहीं अप्रशिक्षित हाथों में ड्राइविंग लाइसेंस न चला जाए इसलिए यह फैसला लिया गया है।