ऊना शहर में लॉकडाउन के बाद खुले एक निजी बैंक के प्रबंधन पर शेयरों और एफडी के नाम पर 11.55 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में करीब 10 लोग पीड़ित हैं, जिन्होंने पुलिस प्रशासन के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने बैंक की निदेशक के खिलाफ धारा 420 व 406 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार नरिंद्र सिंह निवासी गांव व डाकघर भकरेड़ी तहसील बड़सर, जिला हमीरपुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चंडीगढ़-धर्मशाला सड़क मार्ग के किनारे मोहल्ला गलुआ में साल 2020 में लॉकडाउन के बाद बैंक खुला। प्रियंका ठाकुर निवासी चुरड़ी, तहसील बंगाणा जिला ऊना उक्त बैंक की डायरेक्टर थीं। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके सहित करीब 10 लोगों ने बैंक में एफडी और शेयरों के माध्यम से पैसे दिए, लेकिन उनकी एफडी अवधि पूरी होने के बाद उन्हें कोई पैसा बैंक की ओर से नहीं दिया गया। नरिंद्र सिंह ने कहा कि उनकी एफडी को पूरा हुए एक साल का समय बीत चुका है। उन सभी के कुल 11,55,700 रुपये बैंक की ओर से देय बनते हैं। उनके पास बैंक का खाता संख्या और एफडी, शेयरों की काॅपियां भी हैं।
11 महीने से बंद बैंक बंद कर आरोपी फरार
शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपी बैंक डायरेक्टर प्रियंका ने बीते करीब 11 महीने से बैंक बंद रखा है। जब उसे फोन करते हैं तो कभी वह कहती है कि पैसे कुछ दिन में मिल जाएंगे और कभी फोन नहीं उठाती। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी डायरेक्टर ने कई खाताधारकों के फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिए हैं। जब उन्होंने ऊना आकर देखा तो पाया कि प्रियंका ठाकुर का ऑफिस ऊना सब्जी मंडी के सामने किराये की इमारत में था, जिसे वह बिना किसी नोटिस दिये बंद करके भाग गई है। उन्होंने कहा कि प्रियंका ठाकुर ने उनके साथ धोखाधड़ी की है और अब धमकियां देती है कि आपने जो करना है कर लो।
ये लोग हुए धोखाधड़ी का शिकार
शिकायतकर्ता ने अलावा जो अन्य लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, उनमें मनीश कुमार निवासी गांव व डाकघर भयावीं, तहसील बंगाणा, राजेश कुमार निवासी गांव व डाकघर जोह, तहसील घनारी जिला ऊना, पूनम कुमारी निवासी जाखल सिरमौर, अनिल कुमार, ज्योति वाला, वीना देवी निवासी गांव दियाड़ा, दविन्द्र पाल गांव बरेड़ी डाकघर चुरूडू, तहसील अंब, जिला ऊना, प्रकाश चंद डोगरा निवासी मैहरे, शिवानी निवासी बड़सर जिला हमीरपुर, कमल सिंह निवासी चराड़ा, तहसील बंगाणा, जिला ऊना शामिल हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक ऊना राकेश सिंह ने कहा कि मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द आरोपी से पूछताछ की जाएगी।