प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को लेकर हिमाचल सरकार गंभीर नहीं है। सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों की 432 सड़कें पेंडिंग हैं, जबकि 103 सड़कें ऐसी हैं जो चार साल से ज्यादा समय के बाद भी पूरी नहीं हो सकी हैं। खास यह है कि इन सड़कों में फॉरेस्ट क्लीयरेंस जैसी कोई अड़चन नहीं है।
इस लेटलतीफी को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने समय पर सड़कों का काम पूरा न करने की सूरत में फंड रोकने की भी चेतावनी दी है।
इस बारे मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी डा. सुरभि राय ने सूबे के अतिरिक्त मुख्य सचिव (लोनिवि) नरेंद्र चौहान को दो दिन पहले ही पत्र भेजा है। नियमानुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सड़क का निर्माण 12 महीने में पूरा करना होता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हिमाचल में 2429 सड़कें स्वीकृति हुई हैं। इनमें से 1987 सड़कों का काम पूरा हो चुका है।