ओल्ड बस स्टैंड में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को लेकर शिमला पुलिस ने एचआरटीसी प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से पुलिस ने पूछा है कि ओल्ड बस स्टैंड जैसी तंग जगह में चार्जिंग स्टेशन स्थापित क्यों किया? शहर में इलेक्ट्रिक बसें आने के बाद एचआरटीसी प्रबंधन ने सबसे पहले ढली वर्कशाप में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया था।
शुरुआती समय में सभी इलेक्ट्रिक बसें ढली से संचालित की जा रही थीं लेकिन इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने के बाद बसों को चार्जिंग के लिए ओल्ड बस स्टैंड से ढली न ले जाना पड़े इसके लिए ओल्ड बस स्टैंड में चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर दिया गया। मौजूदा समय में दिनभर चार्जिंग के लिए यहां दो से तीन इलेक्ट्रिक बसें खड़ी रहती हैं जिससे जगह तंग होने से जाम की समस्या पेश आ रही है। ट्रैफिक पुलिस ने नोटिस जारी कर एचआरटीसी को चार्जिंग स्टेशन ओल्ड बस स्टैंड से शिफ्ट करने को कहा है।
चार्जिंग स्टेशन पर एचआरटीसी को दिया नोटिस : कमल
डीएसपी ट्रैफिक शिमला कमल वर्मा ने कहा कि एचआरटीसी की ओर से लगाए इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग स्टेशन से ओल्ड बस स्टैंड में बसों का रश बढ़ गया है। यहां आने वाली अन्य बसों को खड़े करने की जगह नहीं मिल रही इसलिए चार्जिंग स्टेशन शिफ्ट करने को लेकर एचआरटीसी को नोटिस जारी किया है।
आईएसबीटी में स्थापित करेंगे फास्ट चार्जिंग स्टेशन : रघुवीर
एचआरटीसी के डीएम रघुवीर सिंह ठाकुर ओल्ड बस स्टैंड में इलेक्ट्रिक बसों के लिए अस्थाई तौर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया था। टूटीकंडी आईएसबीटी में नया फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर दिया है। ओल्ड बस स्टैंड से जल्द ही चार्जिंग स्टेशन शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बसों की पार्किंग को लेकर भी विवाद
एचआरटीसी और शिमला पुलिस के बीच बस पार्किंग को लेकर विवाद भी चल रहा है। एचआरटीसी की बसें शहर में सड़क किनारे पार्क हो रही हैं जिससे सड़कें तंग होने से ट्रैफिक जाम की समस्या पेश आ रही है। शिमला पुलिस ने एचआरटीसी को बसें अपनी पार्किंग में खड़ी करने की हिदायत दी है, लेकिन बसें सड़कों पर ही पार्क हो रही हैं। पुलिस कई बार एचआरटीसी बसों के चालान भी कर चुकी है।