अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में घरों से कूड़ा उठाने के काम में लगे सैहब सोसायटी के कर्मचारी अब मनमर्जी से छुट्टी नहीं कर सकेंगे। इन्हें सुपरवाइजर के अलावा अब सेनेटरी इंस्पेक्टर से भी छुट्टी की मंजूरी लेनी पड़ेगी।
बिना अनुमति छुट्टी पर जाने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह काटी जाएगी। सैहबकर्मियों के अचानक छुट्टी पर जाने से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए नगर निगम अब सख्ती बरत रहा है। शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना में करीब आठ सौ कर्मचारी काम कर रहे हैं। अब तक सैहबकर्मी अपने एरिया के सुपरवाइजर को बताकर छुट्टी पर चले जाते थे। कई बार कर्मचारी बिना बताए भी लंबी छुट्टी कर लेते थे। इससे इलाके में सफाई व्यवस्था ठप हो जाती थी।
निगम को यह भी शिकायतें मिली थी कि कई कर्मचारी सुपरवाइजर के साथ मिलकर अपनी छुट्टी के दिन भी हाजिरी लगा देते थे। छुट्टियां मनाने के बावजूद यह तनख्वाह पूरी ले रहे थे। अब निगम ने फैसला लिया है कि सैहब सोसायटी के सभी कर्मचारियों को रोज हाजिरी लगाना अनिवार्य होगा। हाजिरी रजिस्टर में कहीं गड़बड़ी तो नहीं हो रही, इसकी चेकिंग का जिम्मा सुपरवाइजर, कोआर्डिनेटर और सेनेटरी इंस्पेक्टर को दिया है। तीनों की चेकिंग के बाद ही सैहबकर्मियों को तनख्वाह मिलेगी। कर्मचारी छुट्टी पर जा सकते हैं, लेकिन इसकी जानकारी पहले देनी होगी।
सुधर सकेगी सफाई व्यवस्था
निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने कहा कि इस बारे में दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। यदि कर्मचारी छुट्टी पर जा रहा है तो इसकी जानकारी सेनेटरी इंस्पेक्टर को भी होनी चाहिए ताकि वहां कर्मचारी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। बिना मंजूरी के छुट्टी पर जाने वालों की सैलरी काटी जाएगी।