राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर रविवार दोपहर बाद ढली से कुफरी तक नौ किमी लंबा जाम लग गया। जाम के कारण घंटों हजारों लोग वाहनों में कैद होकर रह गए। रामपुर में लवी मेले के औपचारिक उद्घाटन समारोह से शिमला लौट रहे उपायुक्त शिमला अमित कश्यप और पुलिस अधीक्षक ओमापति जमवाल भी करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहे।
दिवाली की छुट्टियां खत्म होने के बाद सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं, जिसके चलते ऊपरी शिमला से भारी संख्या में लोग रविवार को राजधानी लौटे। ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए पुख्ता बंदोबस्त न होने के कारण ढली बॉयफरकेशन से ढली चौक के बीच जाम लगना शुरू हो गया। यहां पुलिस कर्मी तैनात न होने के कारण समस्या गहराती चली गई। शाम चार बजे स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कुफरी से ढली तक करीब नौ किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
सैकड़ों कारें, खचाखच भरी दर्जनों बसें जाम में फंसी रहीं, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिवाली की छुट्टियां शुरू होने से पहले 4 नवंबर को भी ऐसा ही जाम लगा था। उस समय लोग शिमला से अपने गांवों की ओर गए थे। छुट्टियां खत्म होने से पहले लोगों के वापस शिमला लौटने का अंदेशा होने के बावजूद पुलिस ने कोई भी पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए। रात साढ़े सात बजे तक लोग ट्रैफिक में फंसे हुए थे।
एक घंटे तक एसपी ने खुद संभाला मोर्चा
एसपी शिमला ओमापति जमवाल करीब एक घंटे जाम में फंसने के बाद जब ढली चौक पहुंचे तो गाड़ी से उतरकर खुद मोर्चा संभाल लिया। जमवाल ने बताया कि ढली चौक और मशोबरा बॉयफरकेशन के बीच सड़क संकरी होने के कारण अधिक समस्या पेश आई। हालांकि 4 इंस्पेक्टर और 10 ट्रैफिक बाइकर को जाम खुलवाने के लिए यहां तैनात किया गया था।