विशेष जज केके शर्मा की अदालत ने दुकान से सामान खरीदकर वापस लौट रही आठ साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर साथ ले जाने और उससे दुष्कर्म करने के आरोपी को दोष साबित होने पर 10 साल कठोर कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को दो साल अतिरिक्त कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा।
जिला उप न्यायवादी देवेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि मामला 25 मई, 2017 को बैजनाथ थाने में दर्ज हुआ था। पीड़िता के परिजनों ने शिकायत में कहा था कि 18 मई को उनकी आठ साल की बेटी गांव की एक दुकान से कॉपी, पेंसिल जैसी स्टेशनरी का सामान खरीदने गई थी। इस दौरान दुकान से सामान खरीदकर जब वह वापस आ रही थी तो गांव का ही युवक उससे मिला। इसके बाद वह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और अपने घर में ही उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना के तुरंत बाद तो उनकी बेटी ने किसी को नहीं बताया, लेकिन 24 मई जो जब वह अपनी मामी के पास गई तो वहां उसने पेट दर्द की शिकायत की। मामी ने जब इसके बारे में पूछा तो उसने अपने साथ घटित हुई पूरी बात बताई। पीड़िता के मेडिकल और बयानों के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया। वहीं पुलिस जांच के बाद न्यायालय पहुंचे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 21 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध हुए, जिसके चलते उसे विशेष जज केके शर्मा की अदालत ने 10 साल कठोर कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई।