प्रदेश में निर्माणाधीन फोरलेन कालका-शिमला के मार्ग में पड़ने वाले 59,245 और किरतपुर-नेरचौक के मार्ग में पड़ने वाले 23,509 पेड़ों को काटा गया है। वन भूमि से काटे गए पेड़ों के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के तहत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पूर्वानुमति के बाद प्रदेश सरकार की स्वीकृति एवं निजी भूूमि से काटे गए पेड़ों के लिए भू संरक्षण अधिनियम 1978 के तहत सक्षम अधिकारी की अनुमति के बाद वन विकास निगम को दोहन के लिए सौंपा गया है। विधायक रामलाल ठाकुर के सवाल का लिखित जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि फरवरी 2020 तक इन पेड़ों से प्राप्त जो लकड़ी बेची गई उससे 4.98 करोड़ रुपये की धनराशि वन निगम को प्राप्त हुई। काटे गए पेड़ों की जगह 350 हेक्टेयर भूमि पर वृक्षारोपण किया गया।
पर्यटन निगम के होटल 238 लाख के घाटे में
राज्य पर्यटन विकास निगम के होटल 238 लाख के घाटे में हैं। विधायक आशीष बुटेल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। बताया गया कि निगम द्वारा प्रदेश में 55 होटल, 63 रेस्तरां और 22 बार चलाए जा रहे हैं। निगम के किसी भी होटल को लीज पर देने की योजना नहीं है। निदेशक मंडल ने बिलासपुर और नाहन में चल रहे दो कैफे को लीज पर देने का फैसला लिया है।
भाजपा विधायक विक्रम जरियाल बजट चर्चा के दौरान जोश में नजर आए। उन्होंने कश्मीर से लेकर दिल्ली तक उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। कई ऐसी बातों का उल्लेख किया, जिस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने खूब चटकारे लिए। कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा और विक्रम जरियाल के बीच हल्की नोंकझोंक भी हुई। सदन में विपिन परमार की अनुपस्थिति में कुछ समय के लिए अध्यक्ष की सीट संभाल रहे राकेश पठानिया भी हंसी नहीं रोक पाए।
वह घंटी बजा-बजा कर विधायक को अपनी बात खत्म करने का इशारा करते रहे, लेकिन विक्रम जरियाल ने भाषण जारी रखा। वह अध्यक्ष से 10 मिनट और बोलने की गुहार लगाते रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को तोड़ने का काम किया है। पहले घोटाले की चर्चा होती थी, आज केंद्र की योजनाओं की चर्चा होती है। विधायक ने कहा कि आज से पहले ऐसा संतुलित बजट पेश नहीं हुआ।
नयनादेवी के विधायक रामलाल ठाकुर चर्चा के दौरान सरकार पर आरोप लगा रहे थे तो मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर कहा कि हिमकेयर योजना के तहत प्रदेश में 60 हजार लोगों का इलाज हुआ है। 65 करोड़ रुपये लोगों के उपचार में दिए गए। कहा कि सरकार सभी प्रश्न का जवाब देने को तैयार है, लेकिन विधायक का प्रश्न काफ ी लंबा है। विस्तृत जानकारी जुटाने में समय लग रहा है। विधायक रामलाल ने हिमकेयर योजना, स्वास्थ्य विभाग में दवा खरीद और सब स्टेंडर्ड दवा का मामला उठाया।
अमर उजाला सहित अन्य समाचार पत्रों का भी उल्लेख कर विधायक ने पूछा, जो दस्तावेज उन्होंने सदन पटल पर रखे, उनमें क्या किया। बिलासपुर में एक भी माइन नहीं है। स्थानीय लोग रोड़ी और पत्थर कहां से लेंगे। कोल्ड स्टोरेज की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। कहा कि प्रदेश शिक्षा और स्वास्थ्य में अव्वल आया है, वह पूर्व सरकारों के प्रयासों का परिणाम है। कांग्रेस विधायक नंद लाल ने कहा कि सरकार का सीए स्टोर पर कोई ध्यान नहीं है। बजट में ऐसा कुछ नहीं है, जिसकी तारीफ की जा सके।
विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि सरकार ने बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा है। विभिन्न विभागों के तहत 20 हजार पद भरने की घोषणा की है। इन्वेस्टर मीट में किए समझौता के तहत लगने वाले उद्योगों से हजारों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ दिया गया है।
प्रदेश को होगा चहुमुखी विकास : कमलेश
विधायक कमलेश ने भी बजट को सराहा। कहा कि हर वर्ग को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया है। विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना वरदान साबित हो रही है। भाजपा सरकार ने जितनी नौकरियां दी हैं। पूर्व में कांग्रेस सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में इतनी नौकरियां नहीं दी। उन्होंने ट्रैक्टर सब्सिडी वाला मामला भी उठाया।
विधायक राकेश सिंघा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि 10 दिन की अवधि में सदन में 3 दस्तावेज पेश किए गए। पहला राज्यपाल का अभिभाषण, दूसरा आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और तीसरा दस्तावेज मुख्यमंत्री ने बजट के रूप में पेश किया। उन्होंने चुनौती दी कि तीनों दस्तावेजों में काफी कमियां हैं। सरकार को लापरवाही के लिए चार्जशीट करना चाहते हैं।
सरकार को इसका जवाब देना होगा। मुख्यमंत्री जब बजट पेश कर रहे थे तो मंत्री थकान महसूस कर रहे थे। बागवानी विभाग की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाने पर मंत्री महेंद्र सिंह ने विधायक राकेश सिंघा से कहा - कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए सरकार गंभीर है। खाली पड़ी भूमि के लिए कई योजनाएं लाई हैं।
गुबारे की तरह फुस्स बजट : लखनपाल
विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने बजट को दिशा से भटका हुआ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का तीसरा बजट है और इसमें 25 योजनाएं डाल दीं। उन्होंने बजट को मेला बजट बताया। कहा कि इसमें की गई घोषणाएं गुब्बारे की तरह हैं, जो दो मिनट में फस्स हो जाएंगी।