उन्होंने कहा कि इस निर्णय से केंद्र और राज्य सरकार के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र को बल मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार प्रत्येक जाति और समुदाय के गरीब और पात्र व्यक्ति को अवसर सुनिश्चित कर रही है, जिससे वह अपना जीवन सम्मानपूर्वक जी सके।
उधर, नई आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए शीर्ष अधिकारी मंथन कर रहे हैं। सोमवार को मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई। इसके लिए केंद्रीय बिल के प्रारूप का अध्ययन हो रहा है।
केंद्रीय बिल को बजट सत्र में रखा जा सकता है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नये कानून के दायरे में कितने परिवार आएंगे। हिमाचल में हुए सामाजिक-आर्थिक जनगणना का भी इसके लिए अध्ययन किया जा रहा है।