हिमाचल के बॉर्डर सैलानियों और श्रद्धालुओं के लिए खुलने के बाद प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में 25 दिन में एक करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा चढ़ा है। रोजाना हजारों श्रद्धालु मां के दरबार में माथा टेकने आ रहे हैं। बीते दस सितंबर को मंदिर खुलने के बाद शुरुआती दिनों में कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लाने सहित अन्य औपचारिकताओं के चलते काफी कम संख्या में श्रद्धालु मंदिर आए। बॉर्डर खुलने के बाद मां के दरबार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हो गई है। अभी तक करीब 82 हजार श्रद्धालु मां के दर्शन कर चुुुके हैं।
हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से श्रद्धालु चिंतपूर्णी मंदिर आ रहे हैं। दस सितंबर से 5 अक्तूबर तक 25 दिन में ही मंदिर न्यास चिंतपूर्णी को एक करोड़ 6 लाख 43 हजार 222 रुपये की नकदी चढ़ावे के रुपये में मिली है। इसमें 10 से 30 सितंबर तक 20 दिन का नकद चढ़ावा 69 लाख 65 हजार 666 रुपये भी प्राप्त हुआ। अक्तूबर महीने के पहले पांच दिन में 36 लाख 77 हजार 556 रुपये नकद चढ़ावा चढ़ाया गया है। मंदिर खुलने के बाद आठ अक्तूबर तक करीब 82 हजार श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना वायरस के बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है। न्यास ने चिंतपूर्णी सदन व शंभू बैरियर पर मंदिर दर्शन पर्ची की सुविधा को काउंटर लगाए हैं। जगह-जगह ऑटोमैटिक सैनिटाइज मशीनें लगाई गई हैं। उधर, एसडीएम अंब मनीष यादव ने बताया कि भक्तों की चिंतपूर्णी माता के प्रति अपार श्रद्धा है। यही कारण है कि दूसरे राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर खुलने के बाद मंदिर न्यास को एक करोड़ से ज्यादा नकद श्रद्धालुओं ने चढ़ावे के रूप में मां के चरणों में अर्पित किए हैं।