इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। रोगी मित्रों की तैनाती अस्पतालों में वार्डों में की जाएगी। मरीजों की देखभाल से लेकर उन्हें दवाइयां देने का काम भी इन मित्रों का रहेगा। इससे तीमारदारों पर मरीजों का भार कम रहेगा। रोगी मित्र ही मरीजों का ख्याल रखेंगे। मरीजों को अस्पताल में दाखिल किए जाने के बाद रोगी मित्र का काम शुरू हो जाएगा।
मरीजों को वार्डों में बिस्तर देना, अस्पताल की ओर से दी जानी वाली सुविधाओं, डाइट व अस्पताल से डिस्चार्ज होने तक का कामकाज यह रोगी मित्र देखेंगे। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बताया कि अस्पतालों में रोगी मित्रों की तैनाती की जा रही है। इसकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में गी मित्र लगाने की घोषणा की है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बाबत तैयारी शुरू कर दी है।