राजधानी को बर्फ से लकदक देख यहां घूमने पहुंचे अधिकतर सैलानियों ने कहा कि इस बार शिमला घूमने आने पर हमारा पैसा वसूल हो गया। मुश्किलें जरूर हुई पर इस एंजॉयमेंट को कभी भूल नहीं पाएंगे।
हालांकि कुछ सैलानियों के बच्चों की ठंड से तबीयत भी बिगड़ गई है। यही नहीं, सैलानियों को यह भी मलाल है कि शिमला में गाड़ी को धक्का मारने के भी पैसे मांगते हैं।
हिसार से आए रमेश कुमार और उनकी पत्नी सुधा ने बताया कि उन्होंने खूब एंजॉय किया। लेकिन शनिवार को वे कुफरी नहीं जा पाए। उन्होंने कहा कि शिमला आकर कुफरी न जाने पर ट्रिप अधूरा सा लगता है। चंडीगढ़ से आठ साल की बेटी आहाना के साथ आए संजीव और नेहा ने बताया कि बेटी की थोड़ी तबीयत खराब हो गई है। यहां चार दिन रुकने का प्लान था लेकिन अब रविवार शाम या सोमवार सुबह चंडीगढ़ लौटना होगा।
पंचकूला से आए राहुल, विकी, सैम और जसजीत ने बताया कि वे अपनी गाड़ी से शनिवार को जब कुफरी जा रहे थे तो कई बार उनकी गाड़ी फिसली। एक स्पॉट पर उनकी गाड़ी फंस भी गई। रास्ते में बर्फ साफ करने वालों से मदद मांगी तो उन्होंने बदले में रुपए मांगे, जो अच्छा नहीं लगा।