शिमला। बर्फबारी से राष्ट्रीय राजमार्ग-22 बंद होने से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के अस्सी से अधिक रूट बंद हो गए हैं। ऊपरी शिमला में निगम की करीब बाइस बसें फंसी हुई हैं। बर्फबारी के चार दिन बाद भी राजधानी से सोलह किलोमीटर दूर कुफरी तक ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई है। ऊपरी शिमला के लिए चौथे दिन भी बसों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। ठियोग, कोटखाई, रोहड़ूू व चौपाल में लोकल रूटों पर कुछ एक बसें चलनी शुरू हो गई हैं। बर्फबारी के कारण शिमला में फंसे लोग रविवार को बसें न चलने के कारण पैदल ही गंतव्यों की ओर चल दिए।
वैकल्पिक मार्गों से बसें रवाना
चौपाल वाया पांवटा साहिब - 1 बस
रोहड़ूू वाया विकासनगर - 1 बस
रामपुर वाया धामी - 3 बसें
करसोग वाया धामी - 5 बसें
मशोबरा, कुफरी से निकालीं इक्कीस बसें
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक अनिल सेन की अगुवाई में रविवार को मशोबरा और कुफरी में फंसी करीब अठारह बसें निकाली र्गइं। मशोबरा में फंसी एचआरटीसी की पंद्रह और तीन निजी बसों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। उधर, कुफरी में फंसी एचआरटीसी की तीन बसें भी रविवार शाम तक शिमला पहुंचा दी र्गइं।
कुफरी से आगे सड़क गाड़ी चलाने योग्य नहीं : सेन
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक अनिल सेन के अनुसार कुफरी से आगे सड़क पर कोहरा जमा है। सड़क वाहन चलाने योग्य नहीं है। सड़क पर रेत मिट्टी डालने के बाद ही सुरक्षित रूप से वाहन की आवाजाही हो सकेगी।
रेत मिट्टी न होने से बढ़ी फिसलन
राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर ढली से कुफरी और फागू की ओर सड़क पर रेत मिट्टी न डली होने के कारण फिसलन बढ़ गई है। एनएच विभाग सड़क खोलने का दावा कर रहा है लेकिन फिसलन के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है।