शिमला। हिमाचल प्रदेश के स्पीति में सोलर प्लांट लगाने के लिए 67 बीघा जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है। राज्य बिजली बोर्ड की ओर से जल्द ही इसकी रजिस्ट्री कराई जाएगी। केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने एक साल पहले दो मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने की योजना को मंजूरी दी थी। स्पीति में दो मेगावाट सोलर प्लांट के अलावा 500 किलोवाट का अलग से विंड एनर्जी का भी प्लांट लगाया जाएगा। इसका प्रस्ताव जल्द ही केंद्र को भेजने की तैयारी है।
हर साल तीन से चार माह के लिए स्पीति घाटी भारी बर्फबारी से देश दुनिया से कट जाती है। बिजली के तार टूट जाते हैं। पूरे क्षेत्र को लंबे समय तक बिजली संकट से जूझना पड़ता है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने घाटी में सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र के पास प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को पिछले साल ही केंद्र ने मंजूर कर दिया था। स्पीति में सोलर प्लांट लगाने के लिए जमीन की तलाश अब पूरी हुई है। साथ ही बिजली बोर्ड की ओर से सोलर और विंड एजर्नी का प्लांट लगाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसमें से 50 फीसदी राशि केंद्र की ओर से दी जानी है।
-
लाहौल-स्पीति बनेगा सौर ऊर्जा हब!
केंद्र की भाजपा सरकार ने बजट में यह प्रावधान किया है कि लाहौल-स्पीति को सोलर एनर्जी का हब बनाया जाएगा। हालांकि, अभी तक इसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार के स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
-
स्पीति में जमीन मिल चुकी है। इसके कागजात पूरे कराए जा रहे हैं। सोलर और विंड एनर्जी प्लांट के लिए डीपीआर बनाने का भी काम किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव जल्द ही प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजा जाएगा। -पीसी नेगी, प्रबंध निदेशक राज्य बिजली बोर्ड