शिमला। भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज ने विधानसभा में संविधान के दसवें शेड्यूल के तहत के पास एक पिटीशन दायर की है, जिसमें उन्होंने निर्दलीय विधायकों किरनेश जंग, पवन काजल, बलवीर सिंह वर्मा और मनोहर धीमान की विधानसभा सदस्यता खत्म करने का अनुरोध किया है।
प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने वकीलों वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र किशोर शर्मा, वीरभद्र वर्मा, विदुषी शर्मा और भूपेंद्र ठाकुुर ने पिटीशन में प्रतिवादियों के विरुद्ध आरोप लगाए हैं कि जनता ने सभी राजनीतिक दलों को नकारते हुए प्रतिवादियों को निर्दलीय चुन कर भेजा है, मगर यह चारों प्रतिवादी अपने आपको निर्दलीय न रखकर कांग्रेस के साथ मिल गए हैं। विधानसभा के अंदर और बाहर इन निर्दलीय विधायकों का आचार और व्यवहार बिलकुल कांग्रेस का ही है। ये खुद को कांग्रेस विधायक ही मान रहे हैं। ये चारों निर्दलीय सदस्य लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रचार करते रहे हैं। प्रार्थी ने अपनी पिटीशन के साथ एक प्रेस नोट की कापी लगाई, जिसके मुताबिक ये चारों निर्दलीय विधायक कांग्रेस पार्टी के एसोसिएट विधायक बन गए हैं। प्रार्थी की दलील है कि अपने आचार-व्यवहार और लिखित प्रेस नोट से प्रतिवादी कांग्रेस में मिल गए हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 10 का उल्लंघन किया है, इसलिए अब वे विधानसभा के सदस्य रहने के अयोग्य हो गए हैं। प्रार्थी ने विधानसभा अध्यक्ष से प्रार्थना की है कि इन चारों प्रतिवादियों की विधानसभा की सदस्यता रद कर दी जाए। विधानसभा अध्यक्ष ने याचिका अपने पास विचाराधीन रख ली है। मंगलवार को सुरेश भारद्वाज के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर और रणधीर शर्मा भी विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल के पास हाजिर थे। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल का कहना है कि याचिका मिली है। इस पर नियमानुसार विचार होगा।