फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायतों में कहां खर्चा पैसा, होगा ऑडिट

Sat, 30 Aug 2014 05:31 AM IST
Shimla
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। प्रदेश सरकार ने 3243 पंचायतों का सोशल आडिट करने का फैसला लिया है। ये आडिट इसी साल किया जाना है। पंचायतों के लिए कितना पैसा जारी हुई है और इसे कहां खर्च किया गया है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। लोगों से भी पंचायतों में किए गए विकास कार्यों संबंधित फीड बैक लिया जाएगा। लोगों से पूछा जाएगा कि क्या पैसे का सही इस्तेमाल हुआ है या नहीं। इसके अलावा ग्राम सभा विकास कार्यों पर किए गए खर्च की रिपोर्ट देगी।
विज्ञापन

विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पंचायतों का ऑडिट किया जाना है। कई बार सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए राशि जारी की जाती है, लेकिन मौके पर वह काम नहीं होता है। दूसरा, विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी उंगलियां उठती रही हैं। बाकायदा प्रदेश सरकार को इस बारे में शिकायतें मिली हैं। सरकार विभिन्न मदों से पंचायतों के लिए राशि जारी करती है।

मनरेगा के लिए 118 करोड़ की ग्रांट जारी
केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत प्रदेश सरकार के लिए 118 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी कर दी है। ये राशि सरकार को मिल चुकी है। पंचायतों में अब मनरेगा के तहत मिलने वाले इस राशि से विकास कार्य किए जाएंगे। पंचायती राजमंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि पंचायतों का सोशल ऑडिट होगा। पंचायतों में किस आधार पर राशि खर्च की गई है। आडिट में इसका खुलासा होना है।
विज्ञापन


अध्यक्ष बताएं, 4 साल में क्या परिसंपत्तियां जुटाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला परिषद, बीडीसी और पंचायत समितियों के वार्षिक बजट में 20 फीसदी की कटौती और कार्य क्षेत्र घटाए जाने पर वीरवार को परिषद के सदस्यों ने पंचायती राजमंत्री अनिल शर्मा से मुलाकात की। इसमें प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बजट में की गई कटौती को बढ़ाए जाने और क्षेत्रों को पहले की तरह रखे जाने की मांग की। मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि सरकार ने किसी भी तरह की बजट कटौती नहीं की है। उन्होंने अध्यक्षों से पूछा कि अब तक उन्होंने कितनी परिसंपत्तियां जुटाई हैं? उन्होंने अध्यक्षों को बजट कटौती के मामले को राजनीतिक मुद्दा न बनाए जाने की सलाह दी है।

मनरेगा कनवर्जेंस में डालें पैसा
पंचायती राजमंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि अध्यक्षों को मनरेगा कनवर्जेंस में पैसा डालने को कहा है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो पैसा नहीं मिलेगा। अध्यक्षों ने ऐसे कार्यों के लिए पैसा जारी कर दिया है, जहां काम नहीं हो सकता। उन्होंने सलाह दी है कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही विकास कार्यों के लिए राशि जारी की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें