शिमला। प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए केलांग, किलाड़ और काजा के अस्पतालों को टेली मेडिसिन से जोड़ने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए दो कंपनियों से बात की है। जनजातीय क्षेत्र के इन अस्पतालों में कंपनी या फिर सरकार के एमबीबीएस डाक्टर तैयार होंगे। टेली मेडिसिन के माध्यम से इन अस्पतालों में मरीजों का उपचार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इन अस्पतालों को आईजीएमसी या फिर टांडा मेडिकल कॉलेज के साथ जोड़ा जाना है। दोनों कॉलेजों को विशेषज्ञ डाक्टर जनजातीय अस्पतालों में तैनात डाक्टरों को कंप्यूटर स्क्रीन पर मरीजों के ऑपरेशन के बारे में बताएंगे और मौके पर जनजातीय क्षेत्र का डाक्टर वैसे ही मरीजों का उपचार करता रहेगा। स्वास्थ्य प्रधान सचिव विनीत चौधरी ने बताया कि टेली मेडिसिन का प्रोजेक्ट 300 करोड़ का है। एनएचआरएम के तहत इसे सिरे चढ़ाया जाना है।