शिमला। प्रदेश की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में रैगिंग करने वालों की अब खैर नहीं। पुलिस विभाग ने रैगिंग करने वालों से निपटने को रणनीति बना ली है। सभी शिक्षण संस्थानों मेें रैगिंग करने वालों पर नजर रखने को पुलिस सादी वर्दी में तैनात रहेगी। विभाग ने प्रो एक्टिव रवैया अपनाते हुए सभी जिला एसपी को निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षण संस्थानों के प्रबंधनों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाना भी सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने एसएमएस नंबर 9459100100 भी जारी किया है। इस पर कोई भी छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में उनके साथ होने दुर्व्यवहार और रैगिंग से संबंधित जानकारी दे सकते हैं। पुलिस का दावा है कि एसएमएस पर की गई शिकायत पर 10 मिनट में कार्रवाई होगी। शिकायत मिलने के कुछ ही मिनटों के बाद कंट्रोल रूम से संबंधित थानों के प्रभारियों को भेजा जाएगा। थाना प्रभारियों ने इस पर क्या कार्रवाई की, इसका जवाब आधे घंटे में वापस एसपी और पुलिस मुख्यालय को जवाब देना अनिवार्य होगा।
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लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए कि यदि रैगिंग रोकने को किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मेडिकल स्टूडेंट अमन काचरू रैगिंग मामले में प्रदेश पहले ही किरकिरी झेल चुका है। सीनियर्स ने रैगिंग के दौरान अमन की इतनी पिटाई कर दी थी, उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
10 मिनट में होगी एसएमएस पर कार्रवाई
प्रदेश के कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। संस्थानों में रैगिंग न हो और पुलिस प्रो एक्टिव रवैया अपनाए, इसे देखते हुए सभी एसपी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसएमएस नंबर भी जारी कर दिया है। एसएमएस पर 10 मिनट में कार्रवाई होगी।
- एसपी सिंह, आईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रदेश पुलिस।